केदारनाथ हेलीकॉप्टर हादसे के दो दिन बाद चार धाम की हेली सेवा आज से फिर शुरू, जानिए क्या हो रही जांच

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Kedarnath helicopter news: केदारनाथ समेत चार धाम के लिए आज से हेली सेवा शुरू हो गई है। 15 जून को केदारनाथ धाम से लौट रहा हेलीकॉप्टर गौरीकुंड के जंगल में हादसे का शिकार हो गया था।

जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई। सरकार ने हादसे के बाद हेली सेवा बंद कर दी थी। जिसके बाद आज से फिर हेली सेवा को शुरू कर दिया गया है।

चारधाम के लिए मंगलवार आज से हेली सेवा का संचालन शुरू हो जाएगा। 15 जून को केदारनाथ धाम क्षेत्र में हुई हेलिकाप्टर दुर्घटना के बाद चारधाम के लिए हेली सेवा के संचालन को बंद कर दिया गया था। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण की सीईओ सोनिका ने बताया कि हेली सेवा संचालन शुरू होने की पुष्टि की है।

रविवार को हुए हादसे के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेलिकॉप्टर संचालन को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हेली सेवाओं के संचालन के लिए सख्त एसओपी तैयार की जाए, जिसमें हेलिकॉप्टर की तकनीकी स्थिति की पूर्ण जांच और उड़ान से पूर्व मौसम की सटीक जानकारी लेना अनिवार्य किया जाए।

केदारनाथ धाम से यात्रियों को लेकर वापस गुप्तकाशी आ रहा हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। जिसमें पायलट समेत 7 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद से हेली सेवा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हेली ऑपरेटर के खिलाफ नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण ने एफआईआर दर्ज करवाई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्ष में हुई उच्च स्तरीय समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों के आधार पर नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण कार्रवाई कर रहा है। जिसके तहत केदारनाथ वाली में एयर ट्रैफिक कंट्रोल लगाए जाने, के साथ ही हेली सेवाओं के संचालन के लिए गाइडलाइन तैयार करने के साथ ही कमांड एंड कोऑर्डिनेशन केंद्र स्थापित करने पर जोर दे रहा है। नागरिक उड्डयन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 14 जून तक शटल हेली सेवा के जरिए 60 हज़ार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि तकनीकी विशेषज्ञों की एक समिति का गठन किया जाए, जो हेली संचालन की सभी तकनीकी व सुरक्षा पहलुओं की गहन समीक्षा कर एसओपी तैयार करेगी। यह समिति यह सुनिश्चित करेगी कि हेली सेवाओं का संचालन पूरी तरह से सुरक्षित, पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुसार हो।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि राज्य में पूर्व में हुई हेलिकॉप्टर दुर्घटनाओं की जांच के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति आज के हेली कैश के भी हर पहलू की गहनता से जांच कर अपनी रिपोर्ट देगी। यह समिति प्रत्येक घटना के कारणों की गहराई से जांच करेगी और दोषी व्यक्तियों या संस्थाओं की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की संस्तुति करेगी।

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Author: Deepak Mittal

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