बिलासपुर: Bilaspur जिले में राशन कार्डों के नवीनीकरण और पात्रता की जांच का अभियान तेज कर दिया गया है। खाद्य विभाग और जिला प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक ही पहुंचे।
प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार जिले में पांच लाख से अधिक राशन कार्ड दर्ज हैं। इनमें से अब तक करीब एक लाख 40 हजार से अधिक कार्डधारकों का भौतिक और तकनीकी सत्यापन किया जा चुका है। जांच के दौरान अपात्र लोगों की पहचान कर उनकी सूची तैयार की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को व्यवस्था से बाहर करना है, जो आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद गरीबों के लिए निर्धारित सरकारी राशन का लाभ उठा रहे हैं। जांच अभियान तेज होने के बाद ऐसे प्रभावशाली लोगों में हड़कंप मच गया है, जिन्होंने नियमों की अनदेखी कर राशन कार्ड बनवा रखे हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा तय मानकों के आधार पर पात्रता की समीक्षा की जा रही है। नए नियमों के अनुसार जिन किसानों के पास पांच एकड़ से अधिक कृषि भूमि है या जो Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi का लाभ ले रहे हैं, उनके राशन कार्ड निरस्त किए जाएंगे।
इसके अलावा जिन परिवारों की वार्षिक आय छह लाख रुपये से अधिक है या जो आयकरदाता हैं, उन्हें भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली से बाहर कर दिया जाएगा। खाद्य विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद अपात्र राशन कार्डों को निरस्त कर दिया जाएगा, ताकि योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंच सके।
Author: Deepak Mittal








