हर्ष लाल
संवाददाता, सक्ती
सक्ती : प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत स्वीकृत राशि का चेक जारी करने के एवज में रिश्वत मांगने के आरोप में एसीबी बिलासपुर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जनपद पंचायत सक्ती के सीईओ, एक बाबू और एक भृत्य को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम लिमतरा निवासी अरुण कुमार भारद्वाज ने एसीबी बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी माता ग्राम पंचायत लिमतरा की सरपंच हैं। पंचायत में निर्मला घाट एवं नाली निर्माण सहित अन्य विकास कार्यों के लिए प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत 20 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे, जिनमें से 8 लाख रुपये का चेक पहले ही जारी किया जा चुका था।
शेष 12 लाख रुपये का चेक जारी कराने के लिए अरुण भारद्वाज को अधिकृत किया गया था। आरोप है कि जनपद पंचायत सक्ती के सीईओ निखिल कश्यप और सहायक ग्रेड-3 अविनाश ठाकुर ने चेक जारी करने के बदले 2 लाख रुपये रिश्वत की मांग की।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान यह सामने आया कि आरोपियों द्वारा 1 लाख रुपये पहले ही जनपद कार्यालय के भृत्य लच्छन भानु के माध्यम से प्राप्त किए जा चुके थे। शेष 1 लाख रुपये की मांग जारी थी।
सोमवार को एसीबी की टीम ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए प्रार्थी को शेष 1 लाख रुपये लेकर जनपद पंचायत कार्यालय भेजा। इस दौरान सीईओ निखिल कश्यप ने राशि बाबू अविनाश ठाकुर को देने का निर्देश दिया, जबकि अविनाश ठाकुर ने राशि भृत्य लच्छन भानु को देने के लिए कहा। जैसे ही लच्छन भानु ने प्रार्थी से 1 लाख रुपये की रिश्वत राशि प्राप्त की, एसीबी बिलासपुर की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को पकड़ लिया।
एसीबी ने मौके से 1 लाख रुपये की रिश्वत राशि बरामद कर ली है। आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (PC Act) की धारा 7 एवं 12 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि यह कार्रवाई एसीबी बिलासपुर की पिछले दो वर्षों में 51वीं सफल ट्रैप कार्रवाई है, जो भ्रष्टाचार के खिलाफ एजेंसी की लगातार सक्रियता को दर्शाती है।
Author: Deepak Mittal










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