छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग अंतर्गत भैरमगढ़ ब्लॉक के आदवाड़ा गांव में 19 दिसंबर को हुई एक मुठभेड़ को लेकर नक्सली गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। मृतक की पहचान माड़वी पगनु के रूप में हुई है, जिन्हें पुलिस ने मुठभेड़ में मारे जाने का दावा किया है।
हालांकि नक्सलियों का आरोप है कि माड़वी पगनु को निहत्थे अवस्था में गांव से रात के समय हिरासत में लिया गया था। आरोप है कि इसके बाद उन्हें जंगल ले जाकर प्रताड़ित किया गया और बाद में इस घटना को मुठभेड़ के रूप में पेश किया गया।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें एक माओवादी मारा गया और हथियार बरामद किए गए। वहीं दूसरी ओर, नक्सलियों का दावा है कि यह पूरी घटना पूर्व नियोजित फर्जी मुठभेड़ है।
घटना के बाद नक्सलियों ने विभिन्न सामाजिक और मानवाधिकार संगठनों ने मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की है। संगठनों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन होगा।
Author: Deepak Mittal









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