बालोद। विपरीत मौसम और लगातार बदलते हालात के बावजूद बालोद जिले में इस वर्ष तेंदूपत्ता संग्रहण ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वनांचल के हजारों संग्राहकों की मेहनत, समितियों की सक्रियता और वन विभाग की सतत निगरानी के चलते जिले में 13 करोड़ 14 लाख 03 हजार 855 रुपए मूल्य का तेंदूपत्ता संग्रहित किया गया है। खराब मौसम के बावजूद जिले में औसत संग्रहण 92 प्रतिशत से अधिक रहना बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
वनमंडल कार्यालय बालोद में आयोजित सम्मान समारोह में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ के उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली समितियों के अध्यक्षों एवं प्रबंधकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। बड़भूम समिति ने 111 प्रतिशत संग्रहण कर जिले में पहला स्थान हासिल किया, जबकि गेंजी, लोहरटोला एवं रेंगाडबरी समितियों ने भी निर्धारित लक्ष्य से अधिक तेंदूपत्ता संग्रहण कर उल्लेखनीय सफलता दर्ज की।

जिला यूनियन बालोद अंतर्गत संचालित 17 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के 252 संग्रहण केंद्रों एवं फड़ों में 22 हजार 958 तेंदूपत्ता संग्राहकों द्वारा कुल 23 हजार 891.610 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहित किया गया। वनांचल क्षेत्रों में लगातार खराब मौसम के बावजूद संग्राहकों ने मेहनत और प्रतिबद्धता के साथ संग्रहण कार्य पूरा किया, जिसके चलते बालोद जिला प्रदेश में विशेष उपलब्धि के रूप में उभरकर सामने आया है।
जिला यूनियन बालोद द्वारा संग्राहकों को अब तक 3 करोड़ 25 लाख 52 हजार 376 रुपए का भुगतान किया जा चुका है। वहीं शेष भुगतान की प्रक्रिया लगातार जारी है। महज 15 दिनों के भीतर इतनी बड़ी मात्रा में संग्रहण और भुगतान प्रक्रिया को गति देना जिला यूनियन एवं वन विभाग की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

कार्यक्रम में उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण वनांचल के हजारों परिवारों की आजीविका का मजबूत आधार है। इससे वनवासी परिवारों और स्व-सहायता समूहों को आर्थिक संबल मिलता है। उन्होंने खराब मौसम के बावजूद 92 प्रतिशत से अधिक संग्रहण होने पर जिला यूनियन और वन विभाग की कार्यप्रणाली की सराहना की।
पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्णकांत पवार ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अब तेजी से वनांचल क्षेत्रों तक पहुंच रहा है। तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े परिवारों को समयबद्ध भुगतान और बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराना शासन की संवेदनशील सोच को दर्शाता है। उन्होंने इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण अभियान बताया।
जिला वनमंडलाधिकारी अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि संग्रहण कार्य को सुचारु, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए विभाग द्वारा लगातार निगरानी की गई। प्रतिकूल मौसम के बावजूद समितियों, संग्राहकों और अधिकारियों के समन्वय से जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशानुरूप वनवासी परिवारों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने की दिशा में विभाग निरंतर कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम में उप वनमंडलाधिकारी दल्लीराजहरा एम.सी. डाहिरे, उप प्रबंध संचालक जिला यूनियन बालोद मधुसूदन डोंगरे सहित विभिन्न प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के अध्यक्ष, प्रबंधक एवं पोषक अधिकारी उपस्थित रहे।
Author: Deepak Mittal










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