संसद के मॉनसून सत्र से पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक से पहले तो विपक्ष ने बागी सांसदों को बुलाने का विरोध करते हुए वॉकाउट कर दिया। हालांकि बाद में विपक्षी सांसद वापस लौटे और फिर विधायी कार्यों को लेकर चर्चा हुई। बैठक में ही डीएमके ने परिसीमन विधेयक पर एनडीए का समर्थन करने की बात कह दी है।
डीएमके ने कहा कि सरकार को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने तथा परिसीमन संबंधी संविधान संशोधन विधेयक पर स्पष्ट फार्मूला सामने रखना चाहिए और यह आरक्षण निचले सदन की वर्तमान संख्याबल के आधार पर दिया जाना चाहिए।
पार्टी के वरिष्ठ नेता तिरुची शिवा ने सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र से एक दिन पहले सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में यह मुद्दा उठाया। बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘DMK मौजूदा लोकसभा सीटों की संख्या के आधार पर महिला आरक्षण विधेयक के पक्ष में है, लेकिन परिसीमन के मुद्दे पर हम और स्पष्टता चाहते हैं।
शिवा ने कहा कि परिसीमन की कवायद से दक्षिणी राज्यों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए और उन्होंने सरकार से इस संबंध में अधिक स्पष्टता की मांग की। उन्होंने कहा, ”अगर इससे दक्षिणी राज्यों पर असर पड़ता है, तो इसे 25 साल के लिए स्थगित कर दिया जाना चाहिए।”
Author: Deepak Mittal









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