
शिक्षक पूरी उम्र शिक्षा के माध्यम से छात्र-छात्राओं के जीवन को सवारने में लगा रहता है क्योंकि जिस प्रकार से माता-पिता के द्वारा 5 वर्ष की उम्र के बाद ही अपने बच्चे के जीवन को शिक्षक को सौंप दिया जाता है।
तबी से उस छात्र-छात्राओं में एक नई ऊर्जा के साथ में शिक्षा का संचार करके भविष्य को गढने का काम शिक्षक के द्वारा किया जाता है उसी शिक्षा के प्रभाव से छात्र छात्राएं देश के सर्वोच्च पदों पर आसीन होकर देश की अर्थव्यवस्था में अपनी सहभागिता निभाते हैं.

आज माध्यमिक विद्यालय मोरटाकेवड़ी मैं आयोजित कार्यक्रम मे प्राथमिक विद्यालय मे पदस्थ शिक्षक घासीराम दांगी ई जी एस शाला में पदस्थ शिक्षक बद्रीलाल कारपेंटर के सेवानिवृत होने पर शिक्षकों के सम्मान में उपस्थित अतिथियों के द्वारा यह बात कही सर्वप्रथम उपस्थित अतिथियों के द्वारा मां सरस्वती का पूजन अर्चन किया गया.
इसके बाद दोनों शिक्षकों का साफा बांध शाल श्री फल भेटकर करके उनके द्वारा विद्यालय के प्रति किए गए सेवा कार्य का वर्णन करते हुए कहा कि इन दोनों शिक्षकों ने ग्राम के इन विद्यालयों के विकास के लिए अपना सर्वांगीण योगदान दिया है आज उसी का नतीजा है .
कि इन शिक्षकों के प्रति बच्चों का आघात प्रेम दिखाई दे रहा है इस अवसर पर हाई स्कूल सहित शिक्षक और अतिथि मौजूद रहे,।
Author: Deepak Mittal









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