नई दिल्ली/रायपुर विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर सर्वोच्च न्यायालय ने छत्तीसगढ़ शासन को अहम निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने राज्य में विशेष शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया तेज करते हुए पात्र अभ्यर्थियों की नियुक्ति दो माह के भीतर पूर्ण करने को कहा है।
यह आदेश “राजनीश कुमार पांडेय एवं अन्य बनाम भारत संघ एवं अन्य” प्रकरण में पारित किया गया। याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड कौस्तुभ शुक्ला तथा अधिवक्ता पलाश तिवारी ने पक्ष रखा।
सुनवाई के दौरान राज्य शासन ने हलफनामे में बताया कि प्रदेश में विशेष शिक्षकों के 848 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 100 पदों पर भर्ती के लिए 3 अक्टूबर 2025 को विज्ञापन जारी किया गया था। भर्ती प्रक्रिया के तहत आरसीआई की अर्हता रखने वाले 62 शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है, जबकि 38 पद अब भी रिक्त हैं।
कोर्ट को यह भी बताया गया कि वर्तमान में प्राथमिक स्तर पर 155 ब्लॉक रिसोर्स पर्सन संविदा आधार पर कार्यरत हैं, वहीं माध्यमिक स्तर पर 85 विशेष शिक्षक निश्चित मानदेय पर सेवाएं दे रहे हैं।
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सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि इन सभी अभ्यर्थियों को उनके शैक्षणिक एवं व्यावसायिक दस्तावेजों सहित स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष प्रस्तुत होने का अवसर दिया जाए। यदि वे आरसीआई द्वारा निर्धारित पात्रता पूरी करते हैं तो उनकी नियुक्ति पर नियमानुसार विचार किया जाए।
कोर्ट ने राज्य शासन को निर्देशित किया कि पात्र पाए जाने वाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया यथासंभव दो माह में पूरी कर जुलाई 2026 में अनुपालन रिपोर्ट पेश की जाए।
अपने आदेश में न्यायालय ने यह भी माना कि छत्तीसगढ़ में 49 हजार से अधिक विशेष आवश्यकता वाले बच्चे हैं, जिनके लिए लगभग 3981 विशेष शिक्षकों की आवश्यकता है। कोर्ट ने समावेशी एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया।
Author: Deepak Mittal









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