जे के मिश्र l बिलासपुर – छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक पटवारी द्वारा सीमांकन में अनियमितता के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बिलासपुर के बेलगहना तहसील के ग्राम डाडबछाली में पटवारी रामनरेश बागड़ी ने एक ही भूमि का दो बार सीमांकन किया और दोनों बार अलग-अलग रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस पर बिलासपुर कलेक्टर अवनीश शरण ने तुरंत एक्शन लेते हुए पटवारी को निलंबित करने का निर्देश दिया। इसके बाद एसडीएम कोटा ने आदेश जारी कर पटवारी को निलंबित कर दिया है।
मामले का विवरण
यह मामला बेलगहना तहसील के ग्राम डाडबछाली का है, जहां पटवारी रामनरेश बागड़ी, जो ग्राम मटसगरा में तैनात थे, ने भूमि खसरा नंबर 285/1, 37/1 और 37/2 का सीमांकन किया था। यह भूमि सुरेश कुमार पिता फूलसिंह मरावी के नाम पर थी। सीमांकन के बाद, पटवारी ने दो अलग-अलग रिपोर्ट तैयार की, जिनमें आपस में विरोधाभास था। एक रिपोर्ट में भूमि को कब्जा मुक्त बताया गया, जबकि दूसरी रिपोर्ट में एक व्यक्ति द्वारा भूमि पर अतिक्रमण की जानकारी दी गई।
जांच के बाद हुई कार्रवाई
प्रकरण सामने आने पर, मामले की जांच कराई गई और जांच में यह पाया गया कि पटवारी ने सीमांकन की रिपोर्ट में अनियमितता की है। इस पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए पटवारी रामनरेश बागड़ी को 24 अक्टूबर को निलंबित कर दिया। निलंबन के दौरान, पटवारी का मुख्यालय बेलगहना तहसील कार्यालय में रहेगा।
अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया
पटवारी रामनरेश बागड़ी के निलंबन के बाद, बेलगहना तहसील के पटवारी हल्का नंबर 43 सोनसाय नवागांव के पटवारी अमित पाण्डेय को डाडबछाली का प्रभार सौंपा गया है। साथ ही, इस मामले की विभागीय जांच के लिए बेलगहना तहसीलदार अभिषेक राठौर को नियुक्त किया गया है।

इस पूरे मामले ने प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है और जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
Author: Deepak Mittal










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