छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कर्ष विद्यालय में सातवीं कक्षा की छात्रा के साथ हुई छेड़छाड़ के मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है। इस मामले में लैब अटेंडेंट एमडी शहजाद को दोषी पाए जाने पर स्कूल प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे बर्खास्त कर दिया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहन जांच जारी है।
छात्रा की शिकायत पर हुई कार्रवाई
मामले का खुलासा तब हुआ, जब सातवीं कक्षा की छात्रा ने घर पर अपने परिजनों को लैब अटेंडेंट के दुर्व्यवहार की जानकारी दी। परिजनों ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद थाने में एफआईआर दर्ज की गई।
जांच कमेटी ने पाया दोषी
कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर दो सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया, जिसने घटना की जांच की। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी ने छात्रा के साथ अनुचित व्यवहार किया। जांच रिपोर्ट में बताया गया कि एमडी शहजाद ने विज्ञान प्रयोगशाला में छात्रा को गलत इरादे से छुआ, जो स्कूल और समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है।
संतोषजनक जवाब देने में असफल
आरोपी से मामले पर सफाई मांगी गई, लेकिन उसका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। जांच रिपोर्ट और आरोपी के उत्तर के आधार पर कलेक्टर ने एमडी शहजाद को दोषी मानते हुए उसे तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया।
अनुशासनहीनता के चलते बर्खास्तगी
आरोपी पर सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के उल्लंघन का दोष भी सिद्ध हुआ। इसे अनुशासनहीनता और गंभीर अपराध की श्रेणी में रखते हुए संविदा नियुक्ति को निरस्त कर दिया गया।
पुलिस की अगली कार्रवाई जारी
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच में जुटी है। प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्कूलों में सख्त नियम लागू करने की बात कही है।

जे के मिश्र
जिला ब्यूरो चीफ
, नवभारत टाइम्स24*7in बिलासपुर
Author: Deepak Mittal










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