रिश्वतखोरी में दोषी श्रम निरीक्षक सुरेश कुर्रे बर्खास्त

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने भ्रष्टाचार के मामले में दोषी पाए गए श्रम निरीक्षक सुरेश कुर्रे को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत की गई है।

3 साल की सजा और जुर्माना

मामला वर्ष 2019 का है, जब जशपुर जिले में पदस्थापना के दौरान सुरेश कुर्रे पर रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम), जशपुर ने 26 नवंबर 2025 को सुनाए गए फैसले में कुर्रे को दोषी ठहराते हुए 3 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।

एसीबी में हुई थी शिकायत

आरोप था कि कुर्रे ने कोतबा स्थित ‘छत्तीसगढ़ अभिनंदन एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी’ द्वारा संचालित मेशन जनरल एवं असिस्टेंट इलेक्ट्रीशियन कोर्स के 320 प्रशिक्षणार्थियों के प्रशिक्षण कार्य के एवज में रिश्वत की मांग की थी। संस्था के संचालक रमेश कुमार यादव ने 26 सितंबर 2019 को एंटी करप्शन ब्यूरो, बिलासपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।

जांच में आरोप सही पाए जाने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) के तहत अपराध क्रमांक 25/2019 दर्ज किया गया।

सेवा समाप्ति का आदेश

न्यायालय के निर्णय के बाद श्रमायुक्त कार्यालय ने 15 जनवरी 2026 को आदेश जारी कर सुरेश कुर्रे की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी। सेवा समाप्ति के समय उनकी पदस्थापना श्रम पदाधिकारी कार्यालय, कोण्डागांव में थी।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या नरमी नहीं बरती जाएगी।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Comment

September 2026
S M T W T F S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  

Leave a Comment