नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से नॉलेज हब तक: शिक्षा और ग्रामोद्योग पर फोकस

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रायपुर: राज्य सरकार ने बजट 2026-27 में शिक्षा और ग्रामोद्योग को विकास की मुख्यधारा में रखते हुए कई दूरदर्शी प्रावधान किए हैं। विभागीय मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि यह बजट प्रदेश की मानव पूंजी को सशक्त बनाने, युवाओं को गुणवत्तापूर्ण अवसर प्रदान करने और पारंपरिक कारीगरों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। सरकार का लक्ष्य समग्र विकास, सशक्त नागरिक और आत्मनिर्भर प्रदेश का निर्माण है।

मॉडल स्कूलों से उत्कृष्ट शिक्षा की ओर

शिक्षा की गुणवत्ता और अधोसंरचना सुदृढ़ करने के लिए पीएम-श्री योजना के अंतर्गत लगभग 350 विद्यालयों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। वहीं “स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला योजना” के प्रथम चरण में 150 विद्यालयों के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। एकीकृत परिसर वाले विद्यालयों में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धात्मक और समग्र शिक्षा मिल सके।

हर बच्चे को सुरक्षित भवन

प्रदेश में कोई भी विद्यालय भवन-विहीन न रहे, इसके लिए 500 प्राथमिक, 100 मिडिल, 50 हाई स्कूल और 50 हायर सेकेंडरी स्कूल भवनों के निर्माण हेतु 123 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही एनसीसी विद्यार्थियों के स्वल्पाहार की राशि दोगुनी करने का निर्णय भी लिया गया है।

बस्तर में दो नई एजुकेशन सिटी

दंतेवाड़ा के सफल मॉडल के आधार पर अब अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो नई एजुकेशन सिटी स्थापित की जाएंगी, जिनके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान है। इन परिसरों में स्कूल, आईटीआई, प्री-मैट्रिक व पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास और शिक्षक आवास सहित संपूर्ण शैक्षणिक इको-सिस्टम विकसित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी।

हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान

ग्रामोद्योग विभाग के अंतर्गत ढोकरा आर्ट, बांस कला और माटी कला से जुड़े कारीगरों को राष्ट्रीय मंच दिलाने के लिए देश के पांच प्रमुख शहरों के एयरपोर्ट पर शो-रूम स्थापित किए जाएंगे। साथ ही हस्तशिल्पियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेलों में भागीदारी के लिए वित्तीय सहयोग दिया जाएगा।

यूनिटी मॉल और ग्लेजिंग यूनिट

रायपुर में यूनिटी मॉल के निर्माण के लिए 93 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो राज्य के हस्तशिल्प उत्पादों के लिए आधुनिक विपणन मंच प्रदान करेगा। इसके अतिरिक्त कुनकुरी के ग्राम गोरिया में 2.86 करोड़ रुपये की लागत से ग्लेजिंग यूनिट स्थापित की जाएगी, जिससे माटी शिल्प को आधुनिक डिजाइन और बाजारोन्मुख स्वरूप मिलेगा।

मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि यह बजट शिक्षा, कौशल विकास और पारंपरिक उद्योगों को सशक्त बनाकर प्रदेश को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। सरकार का संकल्प है कि हर विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और हर कारीगर को सम्मानजनक आजीविका का अवसर मिले।

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Author: Deepak Mittal

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