
दंतेवाड़ा : बैलाडीला क्षेत्रों में इन दिनों लोह अयस्क की तस्करी करने वाले तस्करों के गिरोह दुबारा सक्रिय हो गए है कहीं ना कहीं एनएमडीसी किरंदुल परियोजना के लोडिंग प्लांट के यार्ड से एनएमडीसी के आयरन ओर की तस्करी में परियोजना के उन ठेकेदारों की भी संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता हैं जो कि एनएमडीसी के लोह अयस्क को पोकलेन के माध्यम से ट्रकों में लोड करते हैं क्योंकि बिना सिंडिकेट के लोह अयस्क की तस्करी करना संभव प्रतीत नहीं होता है ।
उल्लेखनीय हैं की एनएमडीसी किरंदुल परियोजना के लोडिंग प्लांट से अवैध तरीके से 28 जुलाई को लोह अयस्क भर कर नारायणपुर की ट्रक क्रमांक C G 21 F 9854 निकल रही थी । बैलाडीला ट्रक ओनर्स एसोसिएशन संस्था की गाड़ियों की लोडिंग के पश्चात शाम 8 बजे एनएमडीसी किरंदुल परियोजना के धर्म कांटे में कार्यरत ठेका श्रमिक ने अपने एनएमडीसी अधिकारियों को इसकी सूचना दी की धर्म कांटा बंद होने के बाद भी एक 14 चक्का ट्रक में लोह अयस्क की लोडिंग चल रही है ।

जिसकी जानकारी पर एनएमडीसी किरंदुल के अधिकारियों ने तत्काल सीआईएसएफ जवानों को इसकी सूचना दी ।सीआईएफ के जवान तत्काल मौके पर पहुंचे और गाड़ी को रोक परिवहन अनुज्ञा पत्र टीपी के पेपर ड्राइवर से मांगे । ड्राइवर गाड़ी को लेकर भागने की कोशिश में था परंतु सीआईएसएफ के जवानों ने तत्काल गाड़ी को पकड़कर किरंदुल पुलिस थाने में इसकी सूचना थी ।
मामला वन विभाग का होने के कारण किरंदुल थाना से वन विभाग को सूचना दी गई जिस पर तत्काल वन परिक्षेत्र अधिकारी बचेली आशुतोष मांडवा ने अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंच कर एक 14 चक्का ट्रक CG 21 F 9854 के साथ हुंडई की पोकलेन 215L को जप्त किया।और मामले की गंभीरता को देखते हुए वन परिक्षेत्र बचेली के अधिकारियों द्वारा मामले पर पीओआर दर्ज कर ट्रक एवं पोकलेन को वन विभाग के बचेली कार्यालय खड़ा कर जांच पड़ताल की जा रहीं हैं ।

परंतु उक्त घटना 28 जुलाई को घटी थी और आज उक्त घटना को बीते 10 दिन हो चुके हैं । परंतु आज 10 दिन बीत जाने के पश्चात भी वन विभाग की लोह अयस्क तस्करी में शामिल ट्रक और पोकलेन पर सिर्फ और सिर्फ जांच की कार्यवाही ही जारी है ।

आशुतोष मांडवा – वन परिक्षेत्र अधिकारी बचेली
– फिलहाल जांच जारी है घटनास्थल पर मौजूद सीआईएसएफ एवं एनएमडीसी के अधिकारियों के साथ साथ ट्रक एवं पोकलेन के मालिकों तथा चालकों के बयान लेकर एसडीओ को रिपोर्ट भेजी जाएगी
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Author: Deepak Mittal









