करुणा सागर सरायपाली। छत्तीसगढ़ में बस किराया वृद्धि को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो सकती है। जिला कांग्रेस महासमुंद झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष आरिफ अली पिंकी ने बस किराया बढ़ने के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसका सबसे अधिक असर गरीब, मजदूर, किसान, विद्यार्थी और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ेगा।
आरिफ अली पिंकी ने कहा कि आम जनता पहले से ही महंगाई के कारण आर्थिक परेशानियों का सामना कर रही है। रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना लोगों के लिए चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में बस किराए में वृद्धि होने से लोगों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों में नौकरी, मजदूरी, पढ़ाई और इलाज के लिए आने-जाने वाले लोगों को अधिक खर्च करना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि बस आम आदमी के लिए आवागमन का एक महत्वपूर्ण साधन है। अनेक लोग प्रतिदिन बस से यात्रा करके अपने कामकाज, रोजगार और शिक्षा से जुड़े कार्य पूरे करते हैं। किराया बढ़ने से उनकी यात्रा का खर्च बढ़ेगा, जिसका असर सीधे परिवार की आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा।
आरिफ अली पिंकी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के कारण आम जनता पर आर्थिक दबाव बढ़ने की बात लगातार सामने आ रही है। वहीं, बस संचालक भी बढ़ती परिचालन लागत और अन्य खर्चों के चलते किराया बढ़ाने के लिए मजबूर होने की बात कह रहे हैं। ऐसी स्थिति में आम यात्री दोनों तरफ से प्रभावित हो रहा है।
Author: Deepak Mittal









