महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए महायुति में शीटों पर संस्पेंस खत्म हो गया है. बीजेपी सबसे ज्यादा 152 सीटें लड़ रही हैं. अपने खाते से उसने 4 सीट अपने छोटे सहयोगियों को दी हैं. शिंदे सिवसेना को 85 सीटों मिली हैं और अजित पवार गुट के 52 उम्मीदवर मैदान में हैं. नवाब मलिक ने दो नामांकन फॉर्म भरा है. नवाब मलिक को अजित पवार की पार्टी ने टिकट दिया है.
मोर्शी सीट पर उमेश यवलकर (बीजेपी) से उतरे तो देवेंद्र भुयार (एनसीपी) से भी मैदान में हैं. बोरीवली में भी संजय उपाध्याय (बीजेपी) से हैं तो बीजेपी के ही पूर्व सांसद गोपाल शेट्टी अपने दम पर लड़ रहे हैं. एनसीपी ने मानखुर्द शिवाजी नगर से नवाब मलिक को आखिरी क्षण में उतारकर सबको चौंका दिया. पिछले चुनाव में यहां से सपा के अबू आजमी जीते थे. अब यहां से जोरदार टक्कर होने वाला है. नवाब मलिक पहले शरद पवार के खास हुआ करते थे, लेकिन अब पाला बदल लिया है.
नवाब मलिक का विरोध करती रही है बीजेपी
नवाब मलिक का विरोध बीजेपी करती रही है. अब उन्हें एनसीपी से टिकट दिया गया है. बीजेपी चाहती थी कि नवाब मलिक को एनसीपी टिकट ना दें. लेकिन नामांकन के आखिरी दिन आखिरी घंटे में अजित पवार नवाब मलिक को अपना उम्मीदवार बनाते हैं.ऐसे में बीजेपी के लिए ये टेंशन की बात है. 
अजित पवार की चाल से बीजेपी असहज
2019 में नवाब मलिक में अणुशक्ति नगर से जीते थे. इस बार यहां से उनकी बेटी सना मलिक चुनाव लड़ रही हैं. अजित पवार गुट ने टिकट दिया है. जब सना के नाम का ऐलान हुआ तो ये बात कही कि बीजेपी के दवाब में अजित पवार ने ऐसा किया है और नवाब मलिक से दूरी बना ली है. अजित पवार के इस चाल से बीजेपी असहज हो गई है, हालांकि पार्टी ने साफ किया है नवाब मलिक के लिए कोई प्रचार नहीं करेगी.
Author: Deepak Mittal









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