शाला त्यागी बच्चों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न….

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निर्मल अग्रवाल ब्यूरो प्रमुख मुंगेली

मुंगेली- विकासखंड स्रोत कार्यालय, मुंगेली में समग्र शिक्षा मुंगेली और ह्यूमन पीपल टू पीपल इंडिया संस्था के सहयोग से शाला त्यागी बच्चों के अनुदेशकों और मेंटर्स के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिले के कलेक्टर राहुल देव और जिला शिक्षा अधिकारी सी के घृतलहरे के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शाला त्यागी बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में वापस जोड़ना है। इसमें उन बच्चों को प्राथमिकता दी जा रही है जिन्होंने किसी कारणवश विद्यालय छोड़ दिया है या जिनकी शिक्षा में रुचि समाप्त हो चुकी है।

कार्यक्रम के दौरान अनुदेशकों और मेंटर्स को बच्चों के अधिगम स्तर में सुधार लाने और उन्हें पुनः विद्यालय से जोड़ने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में सहायक परियोजना अधिकारी आकाश सिंह परिहार, ह्यूमना संस्था के प्रतिनिधि प्रमोद दिवाकर और दौलत बघेल के साथ जिले के कई शिक्षक और अनुदेशक उपस्थित थे।

उन्होंने “कदम” कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डाला, जो शाला त्यागी बच्चों को उनकी कक्षा के अनुरूप अध्ययन के लिए तैयार करने पर केंद्रित है। ह्यूमना संस्था के प्रतिनिधियों ने कदम टूल किट का विस्तारपूर्वक परिचय दिया और बताया कि इसे बच्चों की अधिगम क्षमता को सुधारने के लिए कैसे प्रभावी ढंग से उपयोग किया जा सकता है।

कलेक्टर राहुल देव के निर्देशानुसार, सभी शाला त्यागी बच्चों को स्कूल बैग, उच्च गुणवत्ता की कॉपियाँ, पेन, पेंसिल, कम्पास बॉक्स, स्केच पेन, और पानी की बोतल सहित आवश्यक टूल किट प्रदान की जाएगी। इन सामग्रियों के माध्यम से बच्चों को पढ़ाई के लिए आवश्यक सभी सुविधाएँ प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान सहायक परियोजना अधिकारी आकाश सिंह परिहार ने कहा कि यह कार्यक्रम उन बच्चों के लिए बहुत लाभकारी होगा, जो अधिगम स्तर में पिछड़ गए हैं। उन्होंने बताया कि यह पहल बच्चों को कम समय में अपनी कक्षा के अनुरूप तैयार करने और शिक्षा में रुचि बढ़ाने में मदद करेगी।

कार्यक्रम में यह भी चर्चा की गई कि बच्चों की शिक्षा में अभिभावकों की भागीदारी को सुनिश्चित किया जाए। शिक्षकों और अनुदेशकों को निर्देश दिया गया कि वे अभिभावकों के साथ समन्वय स्थापित कर बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्रदान करें।

कलेक्टर राहुल देव ने इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे जिले के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम न केवल बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में वापस लाने में मदद करेगा, बल्कि उनके समग्र विकास में भी सहायक होगा। जिला शिक्षा अधिकारी श्री घृतलहरे ने इसे एक सफल और दूरदर्शी पहल बताते हुए इसके सफल क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित पक्षों को बधाई दी।

यह कार्यक्रम शाला त्यागी बच्चों के लिए शिक्षा की दिशा में एक नई शुरुआत है। समग्र शिक्षा, ह्यूमना संस्था, और जिले के शिक्षकों के सामूहिक प्रयास से यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी।

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Author: Deepak Mittal

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