CBI ने मांगी ट्रांजिट रिमांड
रायपुर : महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में आरोपी सौरभ चंद्राकर को आज दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया. केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कोर्ट से सौरभ चंद्राकर की ट्रांजिट रिमांड मांगी है. लंच यानि ढाई बजे के बाद मामले में सुनवाई होगी. इस दौरान सीबीआई ने उसका फर्जी पासपोर्ट भी जब्त किया.
सुनवाई के दौरान सौरभ चंद्राकर के बचाव पक्ष के वकील ने उसकी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए सवाल उठाए. बचाव पक्ष ने दलील दी कि जब भारत सरकार ने ओमान को केवल मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई की जानकारी दी थी तो फिर सीबीआई ने किस आधार पर सौरभ चंद्राकर को गिरफ्तार किया?
वहीं, सीबीआई ने बचाव पक्ष की दलीलों का जवाब देते हुए कहा कि ओमान सरकार के जिस पुराने आदेश का हवाला दिया जा रहा है, वह पूर्व का आदेश है. सीबीआई के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी नए आदेश के तहत की गई है, जिसमें किसी विशेष जांच एजेंसी का उल्लेख नहीं है. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई लंच के बाद दोपहर 3:30 बजे निर्धारित की है.
ईडी ने बताया कि सट्टेबाजी के पैसे को खातों में भेजने के लिए बड़े पैमाने पर हवाला ऑपरेशन किए जाते हैं. नए यूजर और फ्रेंचाइजी (पैनल) चाहने वालों को आकर्षित करने के लिए सट्टेबाजी वेबसाइटों के विज्ञापन के लिए भारत में कैस में बड़े पैमाने पर खर्च भी किया जा रहा था. ईडी ने कहा कि सौरभ चंद्राकर और उप्पल ने संयुक्त अरब अमीरात में अपने लिए एक साम्राज्य बनाया.
आरोप लगाया गया कि फरवरी 2023 में चंद्राकर ने आरएके, यूएई में शादी की. इस विवाह समारोह के लिए महादेव एपीपी के प्रमोटरों ने लगभग 200 करोड़ रुपये नकद खर्च किए. परिवार के सदस्यों को नागपुर से यूएई तक ले जाने के लिए निजी जेट किराए पर लिए गए थे.
इस शादी में कई मशहूर हस्तियों शामिल हुई थीं. वेडिंग प्लानर, डांसर, डेकोरेटर आदि को मुंबई से काम पर रखा गया था. नकद भुगतान करने के लिए हवाला चैनलों का इस्तेमाल किया गया था. ईडी ने कहा कि डिजिटल सबूतों के अनुसार, “योगेश पोपट की एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी – आर -1 इवेंट्स प्राइवेट लिमिटेड को हवाला के जरिए 112 करोड़ रुपये दिए गए थे, और 42 करोड़ रुपये की होटल बुकिंग एईडी में नकद में भुगतान करके की गई थी.
सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद महादेव बुक सट्टा एप के गिरोह में हिस्सेदारियों का खुलासा हुआ है. बताया गया कि सौरभ चंद्राकर के पास 50%, रवि उप्पल के पास 25%, शुभम सोनी के पास 10%, और अनिल अग्रवाल के पास 15% हिस्सेदारी है. इस मामले में 70 एफआईआर दर्ज हैं, और 300 से अधिक लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं
Author: Deepak Mittal









