शिकारी करंट का जाल बिछाकर वन्यजीवों की कर रहे हत्या, हाथी की मौत की दूसरी घटना, सीमा विवाद और अंतिम संस्कार में देरी

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जे के मिश्र l बिलासपुर। वन्यजीवों के संरक्षण में लापरवाही के चलते शिकारी करंट का जाल बिछाकर जानवरों की हत्या कर रहे हैं। सालभर में यह दूसरा मौका है जब करंट से एक हाथी की मौत हुई है। मामला टाइगर रिजर्व के इको सेंसेटिव जोन के नजदीक मुंगेली वन मंडल सीमा के पास हुआ है, लेकिन वन विभाग की विभिन्न यूनिट्स ने सीमा विवाद के कारण कार्रवाई में देरी की। अंततः बिलासपुर वन मंडल ने मामले में पहल करते हुए कार्रवाई की।

 

घटना के बाद वन विभाग के अधिकारियों के बीच सीमा क्षेत्र को लेकर बहस होती रही। अचानकमार टाइगर रिजर्व प्रशासन का कहना था कि घटना उनकी सीमा में नहीं हुई, यही तर्क मुंगेली वन मंडल ने भी दिया। अंत में, बिलासपुर वन मंडल ने कार्रवाई करते हुए मामले को संभाला।

वन विभाग की सुरक्षा पर सवालिया निशान इस घटना से वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। मृत हाथी की लाश तीन-चार दिन से पड़ी रही, लेकिन विभागीय अधिकारियों को इसका पता नहीं चला। इससे स्पष्ट होता है कि वन विभाग के कर्मचारी और अधिकारी कार्यालयों में बैठे-बैठे ही जंगल की निगरानी कर रहे हैं, जबकि हकीकत में जंगल के भीतर निगरानी करने में असफल रहे हैं।

 

लगातार हो रही हाथी की मौतें इस साल करंट से हाथी की यह दूसरी मौत है। पिछले साल मुंगेली वन मंडल के खुड़िया रेंज में भी करंट की चपेट में आकर एक हाथी की मौत हुई थी। इन घटनाओं से यह साफ जाहिर होता है कि शिकारी वन्य प्राणियों को निशाना बनाने के लिए करंट का जाल बिछा रहे हैं और विभाग की निष्क्रियता से उनका हौसला बढ़ रहा है।

 

राजस्व भूमि पर अवैध कब्जा और खेती वन विभाग ने एक ग्रामीण को गिरफ्तार किया है, जो अपने खेत से सटी राजस्व भूमि पर अवैध कब्जा कर खेती कर रहा था। उसके खेत पर लगे मोटर पंप से ही करंट का तार खींचे जाने की आशंका है। घटना के बाद तार और खूंटे हटा लिए गए, जिससे विभाग की सुस्ती के कारण आरोपियों को पर्याप्त समय मिल गया।

 

हाथियों के दल पर विभाग की निगरानी घटना से पहले, पांच हाथियों का एक दल अचानकमार टाइगर रिजर्व में विचरण कर रहा था। डिप्टी डायरेक्टर गणेश यूआर ने बताया कि उनकी टीम हाथियों पर नजर रखे हुए थी। 30 अक्टूबर को हाथियों का यह दल वन विकास निगम क्षेत्र में गया और 31 अक्टूबर को वापस लौट आया। 1 नवंबर को निगरानी दल को दल में से एक हाथी के गायब होने का पता चला और खोज के दौरान मृत हाथी मिला।

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Author: Deepak Mittal

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