जगदलपुर: बस्तर में माओवादी हिंसा के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच आज 108 माओवादी कैडर समाज की मुख्यधारा में लौटने जा रहे हैं। ‘पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन’ पहल के तहत दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) से जुड़े ये माओवादी आत्मसमर्पण करेंगे।
यह कार्यक्रम बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर के लालबाग स्थित शौर्य भवन, पुलिस कोऑर्डिनेशन सेंटर में दोपहर दो बजे आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ नागरिकों, पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के अधिकारियों के साथ ही जिला प्रशासन के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। इस दौरान माओवादी कैडर हिंसा का रास्ता छोड़कर सामान्य जीवन की ओर कदम बढ़ाएंगे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार समर्पण करने वाले कैडरों से मिली सूचनाओं के आधार पर माओवादी विरोधी अभियानों में अब तक की सबसे बड़ी डंप बरामदगी की गई है। बीजापुर सहित बस्तर रेंज के विभिन्न जिलों में जंगलों में छिपाकर रखे गए हथियार, विस्फोटक और अन्य सामग्री को सुरक्षा बलों ने बरामद किया है। इन बरामद डंप को भी कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शित किया जाएगा।
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में बस्तर में माओवादी संगठन को लगातार झटके लगे हैं। समर्पण और पुनर्वास नीति के तहत बड़ी संख्या में माओवादी मुख्यधारा में लौट रहे हैं। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में 2700 से अधिक माओवादी कैडर हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जिनमें कई इनामी नक्सली भी शामिल हैं।
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को शासन की पुनर्वास योजना के तहत आर्थिक सहायता, आवास, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
Author: Deepak Mittal








