नई दिल्ली: राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान शुक्रवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब इंडियन यूथ कांग्रेस के कई सदस्यों ने कार्यक्रम स्थल के अंदर शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के खिलाफ बेरोज़गारी, महंगाई तथा कथित इंडिया-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर नारेबाजी की।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ कार्यकर्ता टॉपलेस होकर “PM समझौता कर रहे हैं” जैसे नारे लगाते हुए समिट बोर्ड के सामने खड़े हो गए और तस्वीरें खिंचवाने लगे। कार्यक्रम में सरकारी अधिकारियों, इंडस्ट्री लीडर्स और विदेशी प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बीच यह घटनाक्रम कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का कारण बना। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर कार्यक्रम स्थल से बाहर कर दिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को आगे की पूछताछ के लिए तिलक मार्ग थाने ले जाया गया। यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि कड़ी सुरक्षा के बावजूद प्रदर्शनकारी कार्यक्रम स्थल के अंदर कैसे पहुंच गए।
घटना के बाद वेन्यू की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है तथा एंट्री प्रोटोकॉल को सख्त किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को हटाने के बाद समिट की कार्यवाही निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रही।
इस बीच, इंडियन नेशनल कांग्रेस की यूथ विंग ने बयान जारी कर कहा कि विरोध का उद्देश्य यह संदेश देना था कि “कॉर्पोरेट हितों को देश के हितों से ऊपर रखा जा रहा है।” संगठन ने सरकार की विदेश नीति और आर्थिक मुद्दों को लेकर भी सवाल उठाए और दावा किया कि बेरोज़गारी व बढ़ती कीमतों से युवा वर्ग निराश है।
समिट को लेकर इससे पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी आलोचना कर चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि यह कार्यक्रम भारत के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इकोसिस्टम को मजबूत करने के गंभीर मंच के बजाय एक “पीआर अभ्यास” बनकर रह गया है।
घटना पर राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर पब्लिसिटी पाने की कोशिश बताया, जबकि विपक्षी नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक असहमति का वैध प्रदर्शन करार दिया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के दौरान सुरक्षा उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Author: Deepak Mittal









