“मास्क लगाए, झुकी नजरें… गोवा नाइटक्लब आग के आरोपी लूथरा ब्रदर्स 10 दिन बाद ऐसे लाए गए दिल्ली”

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Deepak Mittal

नई दिल्ली: गोवा के चर्चित नाइटक्लब अग्निकांड के बाद फरार हुए क्लब मालिक सौरभ और गौरव लूथरा को आखिरकार भारत वापस ला लिया गया है। भारत सरकार की त्वरित कार्रवाई और कूटनीतिक प्रयासों के बाद दोनों भाइयों को थाईलैंड से डिपोर्ट किया गया। मंगलवार को दिल्ली पहुंचते ही गोवा पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।

दिल्ली एयरपोर्ट पर जब दोनों भाई सामने आए तो चेहरों पर मास्क, आंखों में डर और सवाल साफ नजर आ रहे थे। 10 दिनों से फरार आरोपियों की यह वापसी गोवा नाइटक्लब अग्निकांड मामले में बड़ा घटनाक्रम मानी जा रही है।

अग्निकांड के बाद रातोंरात फरार

गोवा में हुए भीषण अग्निकांड के बाद लूथरा ब्रदर्स दिल्ली स्थित अपने घर से अचानक फरार हो गए थे। आरोप है कि जाते-जाते उन्होंने अपनी आधा दर्जन लग्जरी गाड़ियों को भी ठिकाने लगा दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार ने तुरंत उनके पासपोर्ट सस्पेंड कर दिए। इसके बाद थाईलैंड में उन्हें हिरासत में लिया गया और भारत की मांग पर डिपोर्ट किया गया।

दोनों आरोपियों के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था, जिससे उनकी अंतरराष्ट्रीय आवाजाही पर रोक लग गई थी।

आज कोर्ट में पेशी, ट्रांजिट रिमांड की तैयारी

गोवा पुलिस आज दोनों आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश करेगी। इससे पहले दोनों का मेडिकल परीक्षण द्वारका के अस्पताल में कराया जाएगा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गोवा पुलिस 3 दिन की ट्रांजिट रिमांड मांगेगी ताकि आरोपियों को गोवा ले जाकर पूछताछ और आगे की जांच की जा सके।

सुरक्षा नियमों की खुली धज्जियां

जांच में सामने आया है कि नाइटक्लब में सुरक्षा के बुनियादी इंतजाम तक मौजूद नहीं थे। न तो आग बुझाने के उपकरण थे और न ही आपातकालीन व्यवस्था। आग लगने के बाद कर्मचारी गिलास से पानी फेंककर आग बुझाने की कोशिश करते रहे। यह लापरवाही कई जिंदगियों पर भारी पड़ी।

अब कोर्ट में यह सवाल भी उठना तय है कि 25 लोगों की मौत के बाद दोनों भाई पुलिस का सहयोग करने के बजाय देश छोड़कर थाईलैंड क्यों भागे। उनकी फरारी आरोपों को और भी मजबूत कर रही है।

क्या हुआ था गोवा में?

पिछले महीने गोवा के अरपोरा इलाके में स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब में भीषण आग लग गई थी। इस दर्दनाक हादसे में 25 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें ज्यादातर क्लब के कर्मचारी और कुछ पर्यटक शामिल थे। आग लगने के कारणों की जांच अभी जारी है।

यह मामला न सिर्फ एक हादसा, बल्कि लापरवाही, फरारी और मौतों की पूरी कहानी बन चुका है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।

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Author: Deepak Mittal

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