जे के मिश्र / बिलासपुर। शहर की सड़कों की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। नेहरूनगर से उसलापुर तक की सड़क पर हाल ही में किए गए गड्ढों की अस्थायी मरम्मत ने समस्या का समाधान नहीं किया, बल्कि इसे और बढ़ा दिया है। सड़क पर सही मात्रा में सीमेंट और गिट्टी न डालने के कारण गाड़ियों के गुजरने से धूल का गुबार उठने लगा है, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी हो रही है।
अस्थायी मरम्मत ने बढ़ाई परेशानी
नेहरूनगर से उसलापुर मार्ग पर हाल ही में गड्ढों में गिट्टी और सीमेंट डालकर अस्थायी मरम्मत की गई थी, लेकिन यह मरम्मत न तो टिकाऊ है और न ही समस्या का समाधान कर सकी है। धूल के कारण लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर उठते धूल के गुबार ने हालात और बिगाड़ दिए हैं।
सड़क पर धूल का अंबार
अस्थायी मरम्मत के बाद सड़क पर गिट्टी और मलबा बिखरा पड़ा है, जिससे हर गुजरने वाले वाहन के साथ धूल का गुबार उठता है। श्रीवास भवन के पास स्थिति और भी खराब है, जहां धूल की मात्रा और बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब यहां पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय निवासी निगम और जिला प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं। धूल के कारण आंखों में जलन और सांस की तकलीफ जैसी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। लोग इस समस्या से निजात पाने के लिए प्रशासन से त्वरित और प्रभावी कदम उठाने की अपील कर रहे हैं।
नेशनल हाइवे पर भी खस्ताहाल सड़कों की स्थिति
बिलासपुर शहर के नेशनल हाइवे की सड़कों की स्थिति भी बेहद खराब है। नेहरू चौक से लालखदान, एनएच 49 और बिलासपुर से मुंगेली व रायपुर तक जाने वाली सड़कों पर मरम्मत का काम ठप पड़ा है। इन सड़कों पर कई जगहों पर गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिनसे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।

नेहरू चौक से तिफरा मार्ग पर कई छोटे-बड़े गड्ढे हैं।
गांधी चौक से दयालबंद मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं।
मस्तूरी रोड के शुरू होते ही सड़क की स्थिति बदहाल है।
कुदुदंड से दीनदयाल मार्ग की सड़क पर भी आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी खराब सड़कों से परेशानी
मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र में सड़कों की हालत खराब है, जिससे ग्रामीणों को आने-जाने में भारी दिक्कत हो रही है। लालखदान तिराहे की स्थिति बेहद खराब है और यहां सबसे अधिक दुर्घटनाएं हो रही हैं। लोग सड़क मरम्मत की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
कोटा विकासखंड की सड़कों की हालत भी जर्जर है। टेंगनमाड़ी की सड़क की बदहाली ने ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। जिले के दूरस्थ इलाकों में अब तक विकास की किरणें नहीं पहुंची हैं, जिससे लोगों का आना-जाना काफी कठिन हो गया है।
स्थायी समाधान की उम्मीद
स्थानीय निवासियों और ग्रामीणों ने प्रशासन से उम्मीद जताई है कि जल्द ही सड़कों की मरम्मत कर उन्हें ठीक किया जाएगा।
Author: Deepak Mittal










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