महतारी वंदन योजना से बदल रही हैं छत्तीसगढ़ की महिलाओं की जिंदगी

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प्रदेश में महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन, स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सतत सुधार और परिवार में उनकी निर्णायक भूमिका को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा महतारी वंदन योजना लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत पात्र विवाहित, विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जा रही है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में यह योजना प्रदेश में महिलाओं के प्रति व्याप्त भेदभाव और असमानता को कम करने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर कर रही है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ की 69.19 लाख से अधिक महिलाएं इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं। केवल नारायणपुर जिले में ही हर महीने 27 हजार से अधिक महिलाओं के खातों में 2 करोड़ 78 लाख रुपये से अधिक की राशि स्थानांतरित की जा रही है, जिसमें विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग की 3,687 महिलाएं भी शामिल हैं।

नारायणपुर जिले के ग्राम कोलियारी निवासी श्रीमती हिरामनी नाग बताती हैं कि पहले उनके घर की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, लेकिन महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाले 1,000 रुपये से अब घर की जरूरतों और बच्चों की पढ़ाई का खर्च आसानी से पूरा हो रहा है। इस राशि से उनके घर के खानपान में भी सुधार आया है और अब उन्हें किसी से उधार नहीं लेना पड़ता।

ग्राम बेनूर की श्रीमती भुनेश्वरी बघेल, जो एक गृहिणी और किराना दुकान संचालक हैं, कहती हैं कि इस योजना से उन्हें बच्चों की शिक्षा, स्कूल ड्रेस, घर के आवश्यक सामान और दुकान के लिए सामग्री खरीदने में मदद मिलती है। साथ ही उन्होंने अपनी बेटी के भविष्य के लिए सुकन्या योजना में खाता खोलकर नियमित जमा करना शुरू किया है।

इन दोनों महिलाओं की कहानी यह साबित करती है कि सही दिशा और थोड़े से सहयोग से महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी होकर परिवार की आर्थिक रीढ़ बन सकती हैं। महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ की लाखों महिलाओं के जीवन में खुशहाली और आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही है।

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Author: Deepak Mittal

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