लोगों को त्वरित और निष्पक्ष न्याय दिलाना राजस्व अधिकारियों का प्रथम दायित्व -संभागायुक्त सुनील जैन

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राजस्व अधिकारियों की दक्षता बढ़ाने दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ

शैलेश शर्मा 9406308437नवभारत टाइम्स 24×7.in जिला ब्यूरो रायगढ़

रायगढ़/ राजस्व अधिकारियों की कार्यकुशलता में वृद्धि और न्यायिक प्रक्रिया की समझ को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में दो दिवसीय राजस्व कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर संभागायुक्त सुनील जैन, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, सीईओ जिला पंचायत जितेन्द्र यादव, सहायक कलेक्टर अक्षय डोसी सहित वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही।

कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए संभागायुक्त जैन ने कहा कि राजस्व न्यायालयों की गरिमा को बनाए रखते हुए लोगों को त्वरित और निष्पक्ष न्याय दिलाना राजस्व अधिकारियों का प्रथम दायित्व है। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया की गहन जानकारी के अभाव में प्रकरणों में अनावश्यक देरी होती है, जिससे न केवल पीडि़त पक्ष को न्याय से वंचित होना पड़ता है, बल्कि राजस्व अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं।


संभागायुक्त ने कहा कि प्रत्येक अधिकारी को भू-राजस्व संहिता एवं सिविल प्रोसीजर कोड की जानकारी होनी चाहिए। इससे वे कानूनी रूप से मजबूत, स्पष्ट और पालन योग्य आदेश पारित कर सकें। उन्होंने ऑर्डर शीट लेखन पर विशेष बल देते हुए कहा कि आदेश सरल एवं स्पष्ट हो, जिससे पक्षकारों को उसका आशय समझने में कठिनाई न हो। उन्होंने शासन द्वारा प्रदत्त शक्तियों के सदुपयोग की अपेक्षा जताते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में उसका दुरुपयोग न किया जाए।

प्रशिक्षण से राजस्व कार्यों में आएगी गुणवत्ता और गति -कलेक्टर
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कार्यशाला के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण से अधिकारियों की निर्णय क्षमता और प्रक्रियात्मक दक्षता में वृद्धि होगी। उन्होंने सभी अधिकारियों से प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने और इसमें दी जा रही जानकारियों को व्यवहारिक कार्यों में उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस पहल से जिले में राजस्व प्रकरणों के निराकरण की गुणवत्ता में सुधार होगा और आम नागरिकों को शीघ्र न्याय प्राप्त होगा।

इस दो दिवसीय कार्यशाला का उद्देश्य न केवल तकनीकी दक्षता को बढ़ाना है, बल्कि राजस्व न्यायालयों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितकारी बनाना भी है। कार्यशाला के पहले दिन विशेषज्ञों द्वारा राजस्व न्यायालय की कार्यप्रणाली, आदेश लेखन की तकनीक, धारा 248 (शासकीय भूमि पर अतिक्रमण), धारा 250 (निजी भूमि पर अवैध कब्जा), धारा 158, 165, 170, बंटवारा, सीमांकन, नामांतरण एवं नजूल प्रकरणों से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई।

सेवानिवृत्त संयुक्त सचिव पी.निहलानी और अपर कलेक्टर अशोक तिवारी ने सत्र का संचालन किया और प्रतिभागियों के प्रश्नों का उत्तर देकर उन्हें व्यवहारिक अनुभव से जोड़ा। गौरतलब है कि दोनों सेवानिवृत्त अधिकारी अनुभवी एवं राजस्व क्षेत्र के जानकार है, जिनके द्वारा राजस्व अधिकारियों को विस्तृत रूप से प्रशिक्षण दिया गया और उनके शंकाओं का समाधान किया गया। एसडीएम रायगढ़ महेश शर्मा ने भी भू-राजस्व संहिता पर प्रकाश डालते हुए इसके संबंध में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर अपर कलेक्टर अपूर्व प्रियेश टोप्पो, अपर कलेक्टर रवि राही, अपर कलेक्टर डॉ.प्रियंका वर्मा सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार मौजूद रहे।

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