छत्तीसगढ़ में आगामी जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को समय पर और सुचारू रूप से पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सभी जिला कलेक्टरों को भेजे गए आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जनगणना कार्य में लगे अधिकारी और कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति के अवकाश पर नहीं जा सकेंगे।
भारत सरकार के गृह मंत्रालय और भारत के महारजिस्ट्रार का कार्यालय द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार जनगणना 2027 के पहले चरण—मकान सूचीकरण और मकानों की गणना—के लिए 1 मई 2026 से 30 मई 2026 तक की समयसीमा निर्धारित की गई है। यह चरण जनगणना प्रक्रिया का आधार माना जाता है, इसलिए इसे पूरी गंभीरता और सटीकता के साथ पूरा करना आवश्यक है।
इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने निर्देश जारी किया है कि जनगणना कार्य में संलग्न किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को अवकाश पर जाने से पहले संबंधित जिला कलेक्टर से अनिवार्य रूप से अनुमति लेनी होगी। बिना कलेक्टर की स्वीकृति के कोई भी अवकाश मान्य नहीं होगा।

इसके अलावा, यह भी स्पष्ट किया गया है कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकेगा। यदि किसी को विशेष परिस्थितियों में अवकाश की आवश्यकता होती है, तो उसे जिला जनगणना शाखा के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत करना होगा, जिसके बाद ही कलेक्टर और प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी की अनुमति से अवकाश स्वीकृत किया जाएगा।
Author: Deepak Mittal










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