कहीं सड़कें बहीं तो कहीं मदद के इंतजार में लोग… बारिश और बाढ़ ने कई राज्यों में मचाई तबाही, हर तरफ बस पानी ही पानी!

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Deepak Mittal

देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश और नदियों के उफान से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. उत्तर से दक्षिण तक अलग-अलग राज्यों में बाढ़ और बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है.

कहीं नदियों का पानी गांवों में घुस गया है तो कहीं पुल और सड़कें बह गई हैं. कई जगहों पर फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है और लोग राहत-सहायता का इंतजार कर रहे हैं तो कहीं बादल फटने की घटनाओं से भारी तबाही मची है.

उत्तर प्रदेश (उन्नाव)

यमुना के बाद अब गंगा नदी ने भी विकराल रूप ले लिया है और यूपी का उन्नाव जिला बाढ़ की चपेट में आ गया है. जिले की छह तहसीलों में से चार तहसील- बांगरमऊ, सफीपुर, सदर और बीघापुर- में बाढ़ का पानी घुस गया है. कानपुर बैराज से सभी 30 गेट खोलकर 4 लाख 2 हजार 78 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे शुक्लागंज के कई मोहल्लों में पानी भर गया. लोग घरों की छतों पर पन्नी डालकर रहने को मजबूर हैं. प्रशासन का दावा है कि 275 नावें और 33 बाढ़ चौकियां लगाई गई हैं, लेकिन कई प्रभावित लोग अब भी राहत से वंचित हैं.

महाराष्ट्र (हिंगोली और जालना)

हिंगोली जिले के सेनगांव तहसील इलाके में भारी बारिश से कई गांवों का संपर्क टूट गया है. आजेगांव और कहाकर गांव के पास नदियों में बाढ़ आने से करीब 25 से ज्यादा गांव प्रभावित हुए हैं. खेतों में पानी घुसने से सोयाबीन और तुवर की फसलें बर्बाद हो गईं.

जालना जिले में लगातार बारिश से ढाकेफल और भुवन-वझर सरकटे के पुल बह गए. घनसावंगी और मंठा तहसील में किसानों और ग्रामीणों की आवाजाही बंद हो गई है. लोग प्रशासन से नए पुल बनाने की मांग कर रहे हैं.

पंजाब (फिरोजपुर)

फिरोजपुर में सतलुज नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. 7-8 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूब गई और कई घरों में पानी भर गया. ग्रामीणों ने नावों और खाने-पीने की व्यवस्था की मांग की है. उनका कहना है कि 2023 की बाढ़ की चोट अभी भरी भी नहीं थी कि सतलुज ने फिर तबाही मचा दी है.

उत्तराखंड (ऊधम सिंह नगर और चमोली)

ऊधम सिंह नगर में बारिश का कहर टूटा है. बाजपुर इलाके में लकड़ी लेने गए पिता-पुत्र नदी में बह गए. पिता का शव मिल गया, लेकिन बेटा अब तक लापता है. NDRF और पुलिस लगातार तलाश कर रही है, वहीं ग्रामीण प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाकर प्रदर्शन कर रहे हैं.

चमोली जिले में लगातार बारिश से बद्रीनाथ हाइवे बंद हो गया है. जगह-जगह भूस्खलन से यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है. कर्णप्रयाग के सुभाषनगर में गुरुवार रात एक जर्जर मकान ढह गया, हालांकि पहले ही खाली कर दिए जाने से बड़ा हादसा टल गया.

मध्य प्रदेश (बड़वानी)

बड़वानी जिले के राजपुर में रूपा नदी उफान पर आ गई है. तेज बहाव में नगर पालिका उपाध्यक्ष आकाश बर्मन की कार समेत कई वाहन बह गए. दुकानों और गुमटियों को भी नुकसान पहुंचा है. बताया जा रहा है कि 2006 के बाद नदी ने इस तरह तबाही मचाई है.

बिहार (दरभंगा)

दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान में कमला बलान नदी का जलस्तर बढ़ गया है. सड़क के पानी में डूबने की वजह से अब लोगों को नाव से आना-जाना पड़ रहा है. 2021 में पुल बनाने की घोषणा हुई थी, लेकिन आज तक नया पुल नहीं बना. पुराने पुल के टूटे तीन साल हो चुके हैं, जिससे सात पंचायतों के हजारों लोग प्रभावित हैं. स्थानीय लोगों ने कहा कि नाव पर बाइक लेकर रोजाना नदी पार करना बहुत जोखिम भरा है.

हिमाचल प्रदेश (कांगड़ा)

पौंग बांध से लगातार पानी छोड़े जाने के बाद कांगड़ा जिले के फतेहपुर और इंदौरा क्षेत्रों में बाढ़ आ गई है. कई गांव टापू बन गए हैं और 80-90 घरों में पानी घुस गया है. ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने से फसलें और खेत बह गए हैं. प्रशासन ने बचाव अभियान चलाकर कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है. मंडी और कुल्लू में भी बारिश ने तबाही मचाई है. बड़ी संख्या में घर और गाड़ियां तबाह हो गए हैं. मलबा बहकर नेशनल हाइवे पर आ गया है जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है.

भारी बारिश और बाढ़ की वजह से देशभर में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. कई राज्यों के प्रभावित इलाकों में लोग मदद का इंतजार कर रहे हैं, जबकि प्रशासन लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटा है.

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Author: Deepak Mittal

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