OpenAI ने बंद किया GPT-4o मॉडल, दुनिया भर में यूजर्स का विरोध तेज

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दिल्ली: Sam Altman के नेतृत्व वाली कंपनी OpenAI ने अपने चैटजीपीटी ऐप से GPT-4o एआई मॉडल को हटा दिया है। इस फैसले के बाद दुनिया भर में यूजर्स, खासकर चीन में, नाराजगी जता रहे हैं।

Wired की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कई यूजर्स इस चैटबॉट को सिर्फ एक तकनीकी टूल नहीं, बल्कि अपना ‘इमोशनल’ या ‘रोमांटिक साथी’ मानते थे। अगस्त 2025 में कंपनी ने पहली बार GPT-4o मॉडल को बंद करने की कोशिश की थी। उस समय भी यूजर्स ने इसका कड़ा विरोध किया था।

बताया जाता है कि GPT-4o के बाद आए नए वर्जन को कई यूजर्स ने कम ‘प्यार भरा’ और कम ‘समझदार’ बताया था। विरोध बढ़ने पर OpenAI ने यह मॉडल दोबारा पेड यूजर्स के लिए उपलब्ध करा दिया था। हालांकि यह राहत ज्यादा समय तक नहीं रही।

13 फरवरी को कंपनी ने एक बार फिर GPT-4o को ऐप से हटा दिया। रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले सोमवार से डेवलपर्स के लिए भी इसकी API एक्सेस बंद की जा सकती है।

Syracuse University की शोधकर्ता हुईकियान लाई ने अगस्त में मॉडल के पहली बार ऑफलाइन होने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लगभग 1,500 पोस्ट का विश्लेषण किया। उनके अध्ययन में पाया गया कि 33 प्रतिशत से अधिक पोस्ट में लोगों ने चैटबॉट को सिर्फ एक टूल नहीं, बल्कि कुछ खास बताया। वहीं 22 प्रतिशत पोस्ट में इसे एक ‘साथी’ के रूप में वर्णित किया गया।

लाई ने अगस्त से अक्टूबर के बीच #Keep4o हैशटैग के साथ किए गए 40,000 से अधिक अंग्रेजी पोस्ट भी एकत्र किए। इसके अलावा Change.org पर GPT-4o को वापस लाने की मांग को लेकर एक याचिका शुरू की गई, जिस पर 20,000 से ज्यादा हस्ताक्षर हो चुके हैं।

चीन में भी GPT-4o के कई समर्पित यूजर्स ने निराशा जताई है। हालांकि चीन में चैटजीपीटी आधिकारिक रूप से ब्लॉक है, लेकिन कई लोग VPN के जरिए इसका इस्तेमाल करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ यूजर्स ने अपनी सब्सक्रिप्शन रद्द करने की चेतावनी दी है और OpenAI के प्रमुख Sam Altman की आलोचना की है।

वहीं कंपनी का कहना है कि डेवलपर्स अब भी GPT-4o के बेस मल्टीमॉडल मॉडल को API कॉल के जरिए उपयोग कर सकेंगे। हालांकि यूजर्स का दावा है कि यह “GPT-4o-लेटेस्ट” वर्जन की तुलना में कमजोर है।

रिपोर्ट के अनुसार, कई फैंस का मानना है कि OpenAI ने #Keep4o कम्युनिटी की भावनाओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया। इस फैसले के बाद कंपनी और उसके नेतृत्व को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है।

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Author: Deepak Mittal

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