रायगढ़: किरोड़ीमलनगर वार्ड क्रमांक 09 में हुई मारपीट और शांति भंग की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। हालात बेकाबू होते देख कोतरारोड़ पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए 24 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत की गई है।
काम के दबाव से भड़की हिंसा
मामले की शुरुआत 4 जनवरी 2026 को हुई, जब वार्ड निवासी गोविंद राम नेताम (45) ने थाना कोतरारोड़ में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि मोहल्ले के पीछे गैलवे कंपनी के लिए दूसरे राज्य से आए मजदूर रह रहे थे। दोपहर के समय कंपनी से जुड़े कुछ युवकों ने गोविंद राम के पुत्र छवि नेताम पर जबरन साथ में काम करने का दबाव बनाया।
छवि के इनकार करते ही विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने गाली-गलौच करते हुए उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इस हमले में बुधमन उरांव, मंगलदीप उरांव, मनोज उरांव, प्रकाश गोप, अरुण करमाली, दीपक उरांव, कार्तिक उरांव और अशोक उरांव के नाम सामने आए।
पुलिस कार्रवाई का विरोध, हालात और बिगड़े
मारपीट की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपराध क्रमांक 05/2026 दर्ज कर जांच शुरू की। 5 जनवरी को थाना प्रभारी निरीक्षक मोहन भारद्वाज के नेतृत्व में पुलिस टीम आरोपियों की धरपकड़ के लिए किरोड़ीमलनगर पहुंची।
लेकिन कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद अन्य मजदूरों ने पुलिस का विरोध किया और पीड़ित परिवार के साथ फिर से गाली-गलौच और मारपीट पर उतारू हो गए।
24 अनावेदक दबोचे गए, सीधे जेल
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 8 मुख्य आरोपियों के अलावा 24 अन्य अनावेदकों को BNSS की धारा 170 के तहत गिरफ्तार कर लिया। साथ ही सभी पर धारा 126 और 135(3) के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई।
गिरफ्तार आरोपियों को एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल वारंट जारी कर सभी को जेल भेज दिया गया।
पहले ही जेल जा चुके हैं 8 मुख्य आरोपी
पुलिस ने बताया कि हत्या के प्रयास और गंभीर मारपीट के आरोप में नामजद 8 मुख्य आरोपियों को एक दिन पहले ही न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है।
पुलिस का सख्त संदेश
पुलिस प्रशासन ने साफ कहा है कि शांति व्यवस्था भंग करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर निगरानी बढ़ा दी गई है।
स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए पुलिस ने चेतावनी दी है कि आगे भी ऐसी घटनाओं पर तुरंत और कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
Author: Deepak Mittal









