छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में गरीबों के लिए संचालित आवास योजना की राशि में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। इस प्रकरण में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) रायपुर की टीम ने एक कियोस्क संचालक को गिरफ्तार किया है।
EOW-ACB द्वारा दर्ज अपराध क्रमांक 20/2018 के तहत 16 अप्रैल 2026 को आरोपी गौरव शुक्ला (47 वर्ष), निवासी नंदबाग रूमगरा, जिला कोरबा को गिरफ्तार किया गया। आरोपी को विशेष न्यायाधीश कोरबा की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 21 अप्रैल 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
जांच में खुलासा हुआ है कि वर्ष 2010-11 में इंदिरा आवास योजना के अंतर्गत ग्रामीण हितग्राहियों के खातों में आवास निर्माण के लिए राशि जमा की गई थी। वर्ष 2017 में आरोपी ने इन खातों, जो अधिकांशतः निष्क्रिय (डॉर्मेंट) थे, को सक्रिय कर लगभग 79 लाख रुपये की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।
गौरव शुक्ला, बैंक ऑफ इंडिया की कोरबा शाखा में कियोस्क संचालक के रूप में कार्यरत था। उसने बैंक कर्मचारियों की स्टाफ आईडी का दुरुपयोग करते हुए खातों को सक्रिय किया और हितग्राहियों के आधार नंबर हटाकर अपने एवं अपने परिवार के सदस्यों के आधार नंबर लिंक कर दिए। इसके बाद AEPS (आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम) के माध्यम से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कर राशि का गबन करता रहा।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने बैंक के फिनैकल सॉफ्टवेयर की तकनीकी खामियों का फायदा उठाया। इनमें बिना आधार सत्यापन के लेन-देन की अनुमति और ऑटो लॉगआउट फीचर का अभाव प्रमुख हैं। इन कमियों के चलते आरोपी लंबे समय से बंद खातों में हेराफेरी करने में सफल रहा।
विवेचना के दौरान यह भी पाया गया कि आरोपी ने 10 अलग-अलग स्टाफ यूजर आईडी का उपयोग करते हुए लगभग 620 बार आधार सीडिंग की। इनमें अधिकांश मामलों में बिना भौतिक दस्तावेज सत्यापन के ही प्रविष्टियां दर्ज की गईं। कुछ एंट्री कियोस्क ऑपरेटर आईडी से भी की गई हैं।
आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 421, 409, 120(B) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(सी) और 13(1)(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया है। EOW-ACB की टीम अब इस घोटाले में अन्य संभावित आरोपियों और बैंक कर्मचारियों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है।
Author: Deepak Mittal










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