जे के मिश्र l छत्तीसगढ़ के कोरबा में एसईसीएल की कोयला ट्रांसपोर्ट कंपनी हिंद एनर्जी के दीपका स्थित कार्यालय में कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) विभाग की टीम ने छापा मारा है। यह कार्रवाई कर्मचारियों की ओर से वेतन कटौती की शिकायत के बाद की गई है। ईपीएफ विभाग की इस कार्रवाई से कोयला ट्रांसपोर्ट कंपनियों में हड़कंप मचा हुआ है, जबकि कंपनी में मौजूद दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, यह छापा 7 नवंबर को मारा गया था, और आज 8 नवंबर को भी दस्तावेजों की जांच का सिलसिला जारी है। जानकारी के अनुसार हिंद एनर्जी के संचालकों – राजेश अग्रवाल, सतीश अग्रवाल, आदित्य अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, और संजय अग्रवाल पर कर्मचारियों के भविष्य निधि के पैसों में हेराफेरी का आरोप है। आशंका है कि हजारों कर्मचारियों के करोड़ों रुपये के ईपीएफ राशि का गलत तरीके से प्रबंधन किया गया है, जिसकी जांच टीम द्वारा की जा रही है।
शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई
यह छापेमारी डिडौलीभांठा निवासी और हिंद एनर्जी के पूर्व कर्मचारी बाबूलाल पोर्ते द्वारा की गई शिकायत के बाद की गई। बाबूलाल ने न सिर्फ कलेक्टर बल्कि अन्य संबंधित विभागों में भी शिकायत दर्ज कराई थी। इससे पहले, कुछ दिनों पूर्व बिलासपुर में स्थित हिंद एनर्जी के अन्य कार्यालय में भी इसी तरह की जांच की गई थी।
कर्मचारियों में खुशी की लहर

जहां एक ओर कोयला उद्योग में इस छापे से हलचल मची है, वहीं दूसरी ओर उन कर्मचारियों में राहत और खुशी का माहौल है जो लंबे समय से अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे थे। कर्मचारियों को उम्मीद है कि अब उन्हें उनकी मेहनत की सही राशि और अधिकार मिल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है और श्रम मंत्रालय आगे की कार्रवाई करेगा।
Author: Deepak Mittal










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