छत्तीसगढ़ के सभी स्कूलों में अब शिक्षक मौजूद: 447 शिक्षकविहीन स्कूलों में हुई नियुक्ति, शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार

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Deepak Mittal

रायपुर, 11 जून 2025।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शिक्षा व्यवस्था को समावेशी और सुदृढ़ बनाने की दिशा में चलाए जा रहे युक्तियुक्तकरण अभियान ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य के 447 शिक्षकविहीन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति पूरी कर ली गई है। इसके साथ ही अब राज्य का कोई भी प्राथमिक, माध्यमिक या हायर सेकेण्डरी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं रहा। यह छत्तीसगढ़ के शिक्षा इतिहास में एक ऐतिहासिक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।

16 जून से सभी स्कूलों में बजेगी घंटी
नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत 16 जून से होने जा रही है, और अब हर स्कूल में शिक्षक की उपस्थिति सुनिश्चित हो चुकी है। गांवों में जब पालकों को अपने बच्चों के स्कूल में शिक्षक आने की खबर मिली तो खुशी का माहौल बन गया। वर्षों से सुनसान स्कूलों में फिर से पढ़ाई की उम्मीद जगी है।

मुख्यमंत्री ने बताई प्राथमिकता
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “शिक्षा हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। युक्तियुक्तकरण केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि हमारे बच्चों के भविष्य को संवारने की दिशा में किया गया एक सफल प्रयास है।” उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ लागू किया गया है ताकि राज्य के हर कोने में शिक्षा की रोशनी पहुंचे।

प्राथमिक से हायर सेकेण्डरी तक शिक्षकों की तैनाती
शिक्षा विभाग के अनुसार:

  • 357 प्राथमिक शालाएं,

  • 30 माध्यमिक शालाएं, और

  • 60 हाई स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति पूरी हो चुकी है।

हालांकि, सुकमा जिले के 4 और नारायणपुर जिले के 2 हाई स्कूलों में काउंसलिंग की प्रक्रिया अभी जारी है।

नक्सल प्रभावित इलाकों तक पहुँची शिक्षा
सुदूर और संवेदनशील क्षेत्रों जैसे सुकमा, नारायणपुर और बीजापुर जैसे जिलों के स्कूलों तक अब शिक्षक पहुँच रहे हैं। इनमें सुलेगा धौड़ाई, कन्हारगांव और सोनपुर जैसे हाई स्कूल शामिल हैं, जहां लंबे समय से नियमित शिक्षकों की कमी थी।

हायर सेकेण्डरी स्कूलों में नहीं रहा शिक्षक संकट
राज्य में कोई भी हायर सेकेण्डरी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं था। केवल 4 हायर सेकेण्डरी स्कूल एकल शिक्षकीय थे, जहां अब अतिरिक्त व्याख्याताओं की नियुक्ति कर दी गई है।

एकल शिक्षकीय स्कूलों में भी बड़ी गिरावट
युक्तियुक्तकरण के बाद:

  • 5672 एकल शिक्षकीय प्राथमिक स्कूलों में से अब केवल 1207 बचे हैं।

  • 211 पूर्व माध्यमिक शालाओं में से 204 में दो या अधिक शिक्षक तैनात किए गए हैं।

  • 49 एकल शिक्षकीय हाई स्कूलों में से 48 में पर्याप्त शिक्षक तैनात कर दिए गए हैं। अब केवल 1 हाई स्कूल एकल शिक्षकीय रह गया है।

आगे की योजना
शेष बचे स्कूलों में भी शीघ्र शिक्षकों की नियुक्ति हेतु काउंसलिंग और स्थानांतरण की प्रक्रिया चल रही है। शिक्षा विभाग ने संकेत दिया है कि शेष एकल शिक्षकीय स्कूलों को भी जल्द बहु-शिक्षकीय बनाया जाएगा।

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Author: Deepak Mittal

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