बीजापुर: बीजापुर जिले के बासागुड़ा थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब गगनपल्ली और मुरकीपार के जंगल-पहाड़ी इलाके में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच जोरदार मुठभेड़ हो गई। घने जंगल में रुक-रुककर चली गोलियों की आवाज ने पूरे इलाके को दहला दिया। इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो सशस्त्र और इनामी माओवादी कैडरों को मार गिराया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, थाना बासागुड़ा क्षेत्र में 10 से 15 माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने के बाद डीआरजी बीजापुर की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। जैसे ही जवान जंगल के भीतर आगे बढ़े, माओवादियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए मुंहतोड़ जवाब दिया, जिसके बाद माओवादियों को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा।
मुठभेड़ के बाद पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि घटनास्थल से दो माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं। मृतकों की पहचान एसीएम हुंगा मड़काम उर्फ पंचुगा (ग्राम पूवर्ती, थाना जगरगुंडा, जिला सुकमा) और पीपीसीएम आयती मुचाकी उर्फ जोगी (ग्राम पीनाचन्दा, थाना पामेड़, जिला बीजापुर) के रूप में हुई है। दोनों पर शासन द्वारा 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित था और ये पामेड़ एरिया कमेटी से जुड़े हुए थे।
सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ स्थल से एसएलआर राइफल, एक मैगजीन में 9 राउंड, 12 बोर का देशी कट्टा, 5 जिंदा कारतूस, स्कैनर सेट, कार्डेक्स वायर, माओवादी पिट्ठू और भारी मात्रा में माओवादी साहित्य व विस्फोटक सामग्री भी बरामद की है।
एसपी डॉ. यादव ने बताया कि इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है और माओवादी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी है, जिससे क्षेत्र में माओवादियों की कमर टूटेगी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे सघन अभियान लगातार जारी रहेंगे, ताकि ग्रामीणों को भयमुक्त और सुरक्षित वातावरण मिल सके।
👉 जंगल में चली गोलियों ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि बस्तर में माओवाद के खिलाफ लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर है।
Author: Deepak Mittal









Total Users : 8189274
Total views : 8223969