केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने वैश्विक स्तर पर बढ़ रहे इबोला वायरस के खतरे को देखते हुए देश के सभी बंदरगाहों, हवाई अड्डों और एंट्री पॉइंट्स पर सख्त हेल्थ एडवाइजरी जारी की है। यह कदम विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा पिछले हफ्ते इबोला प्रकोप को वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किए जाने के बाद एहतियात के तौर पर उठाया गया है।
एडवाइजरी के अनुसार, अत्यधिक जोखिम वाले देशों से आने या वहां से होकर गुजरने करने वाले यात्रियों की सघन निगरानी की जाएगी। उनमें कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, युगांडा और दक्षिण सूडान जैसे देश शामिल है।
इन देशों से आने वाले किसी भी यात्री में यदि बीमारी के लक्षण दिखते हैं तो उन्हें इमिग्रेशन चेक से पहले एयरपोर्ट के हेल्थ ऑफिसर या हेल्प डेस्क को इसकी सूचना देनी होगी। यदि कोई यात्री इबोला के किसी संदिग्ध या पुष्ट मरीज के खून या शारीरिक तरल पदार्के सीधे संपर्क में आया है, तो उसे भी अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य अधिकारियों को रिपोर्ट करना होगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपील करते हुए कहा, “यात्रियों की सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों को ध्यान में रखते हुए कृपया हेल्थ स्क्रीनिंग और सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों में सहयोग करें।” यह व्यवस्था काफी हद तक कोविड-19 महामारी के दौर की याद दिलाती है।
राहत की बात यह है कि वर्तमान में भारत में इबोला का एक भी मामला सामने नहीं आया है। यह एडवाइजरी पूरी तरह से एहतियाती तौर पर जारी की गई है। हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बात पर चिंता जताई थी कि यह वायरस बेहद तेजी से फैल रहा है, जिसके बाद ही इसे अंतर्राष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया गया।
Author: Deepak Mittal









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