काठमांडू। नेपाल में सोशल मीडिया बैन को लेकर शुरू हुआ गुस्सा अब ‘Gen-Z रिवोल्यूशन’ में बदल गया है। सोमवार को राजधानी काठमांडू की सड़कों पर हजारों की संख्या में युवा (18 से 30 साल) उतर आए और संसद भवन तक घुस गए। प्रदर्शन इतना उग्र हो गया कि पुलिस को आंसू गैस और पानी की बौछारों का सहारा लेना पड़ा। हालात बेकाबू होते देख सरकार ने काठमांडू समेत चार जिलों में कर्फ्यू लागू कर सेना तैनात कर दी है।
हिंसक प्रदर्शन के दौरान हुई गोलीबारी में 1 व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि करीब 80 लोग घायल हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन के गेट नंबर-2 पर आग लगा दी और इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
✦ संसद की सुरक्षा पर ऐतिहासिक सेंध
नेपाल के इतिहास में यह पहली बार है जब संसद भवन की सुरक्षा पर इतनी बड़ी सेंधमारी हुई है। प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन के गेट नंबर 1 और 2 पर कब्जा कर लिया। इसके बाद राष्ट्रपति भवन, उपराष्ट्रपति आवास और प्रधानमंत्री आवास के पास भी सुरक्षा बढ़ा दी गई।
✦ क्यों भड़की Gen-Z पीढ़ी?
दरअसल, प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार ने 4 सितंबर को फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप, रेडिट और X समेत 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगा दिया था। सरकार का कहना है कि ये कंपनियां नेपाल में ऑफिस खोलकर पंजीकरण करें और गड़बड़ी रोकने का सिस्टम बनाएं, तभी बैन हटेगा।
लेकिन युवाओं का आरोप है कि सरकार ने भ्रष्टाचार और अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए आवाज दबाने की साजिश रची है। इसी फैसले से नाराज़ युवाओं ने 8 सितंबर से ‘Gen-Z रिवोल्यूशन’ नामक आंदोलन शुरू कर दिया।
✦ इमरजेंसी सुरक्षा बैठक
तेजी से बिगड़ते हालात पर काबू पाने के लिए नेपाल सरकार ने इमरजेंसी सुरक्षा बैठक बुलाई है। पुलिस ने ऐलान किया है कि रात 10 बजे तक कर्फ्यू रहेगा और इस दौरान किसी भी तरह की सभा, जुलूस या प्रदर्शन पर पूरी तरह से रोक रहेगी।
Author: Deepak Mittal










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