खैरागढ़:’ राज्य शिक्षा आयोग के नाम से जारी फर्जी नियुक्ति आदेशों के सहारे सरकारी नौकरी हासिल करने का सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने बड़ा एक्शन लिया है। विभागीय जांच में दोषी पाए गए चार कथित कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है, जिससे पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है।
जांच में टीकमचंद साहू, फगेंद्र सिंहा, रजिया अहमद और अजहर अहमद के नाम सामने आए, जिन्हें वर्ष 2021 में सहायक ग्रेड-3 सहित अन्य पदों पर नियुक्ति दी गई थी। लेकिन जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि जिन आदेशों के आधार पर इनकी नियुक्ति हुई थी, वे आदेश आधिकारिक रूप से कभी जारी ही नहीं किए गए थे।
जाली निकले आदेश, रिकॉर्ड से नहीं मिला मेल
विभागीय अभिलेखों से मिलान करने पर पत्र क्रमांक और हस्ताक्षर फर्जी पाए गए। दस्तावेजों की गहन पड़ताल में यह साफ हो गया कि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह संदिग्ध और नियमों के खिलाफ थी।
मामले के उजागर होने के बाद चारों कर्मचारियों से जवाब-तलब किया गया, लेकिन उनके द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण और दस्तावेज नियुक्ति को वैध साबित नहीं कर सके। इसके बाद शिक्षा विभाग ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत सख्त कार्रवाई करते हुए चारों को सेवा से पृथक करने का आदेश जारी कर दिया।
भर्ती प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल
इस मामले के सामने आने के बाद विभागीय नियुक्ति प्रक्रिया, सत्यापन व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब आशंका जताई जा रही है कि ऐसे और भी फर्जी मामलों की परतें खुल सकती हैं, जिनकी जांच आगे की जा सकती है।
Author: Deepak Mittal









