अनाधिकृत रूप से रेल पटरी पार करना (ट्रेसपासिंग) एक गंभीर अपराध है..

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(गौतम बाल बोंदरे) : बिलासपुर : अनाधिकृत रूप से रेल पटरी पार करना (ट्रेसपासिंग) एक गंभीर अपराध है, जो न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह जानलेवा भी हो सकता है। अनधिकृत स्थान से पटरी पार करने पर ट्रेन से टकराने या अन्य दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, जिसमें जान का जोखिम होता है। इसके साथ ही, इस प्रकार की गतिविधि से रेल संरक्षा एवं परिचालन भी प्रभावित होता है।

रेलवे द्वारा अनाधिकृत रूप से रेल पटरी पार करने वालों की रोकथाम हेतु समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं, जिनमें लोगों को रेल पटरी पार करने के खतरों के बारे में बताया जाता है। स्कूलों, कॉलेजों में विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। इसके अलावा, उपर्युक्त स्थानों पर चेतावनी संकेत, बैनर-पोस्टर आदि लगाए जाते हैं। स्टेशनों पर पब्लिक एनाउंस सिस्टम द्वारा अनाधिकृत रूप से रेल पटरी पार न करने हेतु संदेश प्रसारित किए जाते हैं।

रेलवे द्वारा अनाधिकृत रूप से रेल पटरी पार करने (ट्रेसपासिंग) को रोकने के लिए कई प्रभावी उपाय किए जाते हैं, जिनमें:

– रेलवे पटरियों के किनारे मजबूत फेंसिंग या बैरिकेड्स लगाए जाते हैं ताकि लोग अनधिकृत रूप से पटरियों पर न जा सकें। ये फेंसिंग विशेष रूप से भीड़-भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील जगहों पर लगाई जाती हैं।

– पटरियों को पार करने के लिए सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराने के लिए रेलवे द्वारा कई स्थानों पर फुट ओवरब्रिज और अंडरपास बनाए गए हैं, जिससे लोग आसानी से और सुरक्षित तरीके से पटरियों को पार कर सकते हैं।

– बड़े रेलवे स्टेशनों पर विशेष पाथवे का निर्माण किया जाता है, जिससे यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित मार्ग उपलब्ध हो सके।

– रेलवे स्टेशनों और पटरियों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी मदद से ट्रेसपासिंग करने वालों की पहचान की जा सकती है और उन्हें समझाइश दी जा सकती है।

– रेलवे सुरक्षा बल एवं रेलवे पुलिस द्वारा नियमित रूप से पटरियों और स्टेशनों के आसपास गश्त की जाती है, जिससे ट्रेसपासिंग की घटनाओं पर नजर रखकर उन्हें रोका जा सकता है।

अनाधिकृत रूप से पटरी पार करने के मामलों में, रेलवे पुलिस ऐसे व्यक्तियों पर जुर्माना लगा सकती है जो बिना अनुमति के रेल पटरी पार करते हैं। इसके साथ ही, उनके खिलाफ रेल अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान है।

रेल प्रशासन यात्रियों एवं नागरिकों से आग्रह करता है कि अनाधिकृत एवं असुरक्षित रूप से पटरी पार कर अपनी जान जोखिम में न डालें। रेलवे पटरी पार करने के लिए हमेशा उचित स्थानों, जैसे कि पुल, ओवरब्रिज, फुट ओवरब्रिज या अधिकृत क्रॉसिंग का उपयोग करें।

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Author: Deepak Mittal

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