रेलवे पुलिस को परेशान करने वाला सनकी कॉलर गिरफ्तार, बम की झूठी सूचनाओं से मचाता था हड़कंप

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यूपी: रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को बार-बार चुनौती देने और पुलिस को परेशान करने वाले एक सनकी सीरियल कॉलर को वाराणसी जीआरपी ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी जौनपुर का रहने वाला है और काशी–दादर एक्सप्रेस में बम होने की झूठी सूचनाएं देकर रेलवे और पुलिस महकमे में हड़कंप मचाता था। शातिर आरोपी पुलिस को चकमा देने के लिए 15 अंकों वाले डिजिटल नंबर और मुंबई के पीसीओ का इस्तेमाल करता था, लेकिन आखिरकार जीआरपी की टीम ने उसे मुंबई के एक अपार्टमेंट से दबोच लिया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान जौनपुर जिले के मछलीशहर कोतवाली क्षेत्र के दियावां महादेव निवासी राजेश शुक्ला के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार राजेश पहले भी इसी तरह की झूठी सूचना देने के आरोप में जेल जा चुका है, लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद उसने दोबारा वही हरकत शुरू कर दी। आरोपी के पास से एक डायरी और ड्यूटी कार्ड बरामद किया गया है, जिसमें रेलवे के प्रमुख कार्यालयों और अधिकारियों के मोबाइल नंबर दर्ज हैं।

जीआरपी कैंट थाने में गुरुवार को सीओ कुंवर प्रभात सिंह ने गिरफ्तारी का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी ने पहली बार 2 जून को मोबाइल फोन से जीआरपी कंट्रोल रूम प्रयागराज में काशी–दादर एक्सप्रेस और एलटीटी–बलिया कामायनी एक्सप्रेस में बम होने की सूचना दी थी। इसके बाद दोनों ट्रेनों को जंघई स्टेशन पर रोककर सघन तलाशी ली गई, हालांकि कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। इस घटना से यात्रियों में भारी दहशत फैल गई थी। मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपी को पकड़ा गया था, लेकिन कुछ दिनों बाद वह जमानत पर छूट गया।

इसके बाद 18 नवंबर को आरोपी ने फिर काशी–दादर एक्सप्रेस में बम होने की सूचना दी, जिस पर भदोही स्टेशन पर ट्रेन की गहन जांच कराई गई, लेकिन इस बार भी कुछ नहीं मिला। इस बार आरोपी ने 15 अंकों वाले नंबर से कॉल किया, जिससे नंबर ट्रेस करने में पुलिस को काफी दिक्कत हुई। वहीं, 6 जनवरी को एक बार फिर काशी–दादर एक्सप्रेस में बम होने की सूचना मिली, जिसके बाद मऊ में ट्रेन की जांच की गई।

सर्विलांस और कंट्रोल रूम के सीयूजी नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच में खुलासा हुआ कि कॉल मुंबई के एक पीसीओ से किया गया था। इसके आधार पर वाराणसी जीआरपी ने मुंबई में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर यह जानने में जुटी है कि वह बार-बार इस तरह की अफवाहें फैलाकर सुरक्षा व्यवस्था को क्यों बाधित कर रहा था।

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Author: Deepak Mittal

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