रायपुर/दिल्ली: उत्तर भारत इन दिनों भीषण शीतलहर की गिरफ्त में है। कई राज्यों में तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है और कई इलाकों में शीतलहर से लेकर भीषण शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है। इसी को देखते हुए कई राज्यों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस सीजन की पहली शीतलहर दर्ज की गई है। राजधानी का न्यूनतम तापमान इस साल पहली बार 2.9 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। दिल्ली का आयानगर सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं पालम वेदर स्टेशन पर न्यूनतम तापमान 3.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले 13 वर्षों में सबसे कम है।
आईएमडी के अनुसार सफदरजंग ऑब्जर्वेटरी में न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.6 डिग्री कम है, जबकि अधिकतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक इसी तरह की ठंड बने रहने की चेतावनी दी है।
राजस्थान में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। राज्य के कई हिस्सों में शीतलहर से लेकर भीषण शीतलहर की स्थिति दर्ज की गई है। प्रतापगढ़ में न्यूनतम तापमान शून्य से 2 डिग्री नीचे पहुंच गया, जबकि बाड़मेर में यह शून्य से 1 डिग्री नीचे दर्ज किया गया।
इसके अलावा पिलानी में 1.2 डिग्री, सीकर में 1.7 डिग्री, लूणकरनसर में 1.9 डिग्री और चूरू व झुंझुनू में करीब 2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने राज्य में अगले कुछ दिनों तक कड़ाके की ठंड जारी रहने का अनुमान जताया है।
पंजाब और हरियाणा में भी ठंड का असर साफ नजर आ रहा है। पंजाब के बठिंडा में न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस और हरियाणा के हिसार में 2.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लुधियाना, पटियाला, अमृतसर और गुरदासपुर में भी तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है।
वहीं जम्मू-कश्मीर में ठंड ने और भीषण रूप ले लिया है। यहां तापमान जमाव बिंदु से कई डिग्री नीचे चला गया है। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 5.2 डिग्री नीचे दर्ज किया गया, जबकि दक्षिण कश्मीर के शोपियां में यह शून्य से 8.6 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। पहलगाम में भी तापमान शून्य से 7.6 डिग्री नीचे रिकॉर्ड किया गया।
कश्मीर घाटी में इस समय ‘चिल्ला-ए-कलां’ का दौर चल रहा है, जिसके दौरान करीब 40 दिनों तक कड़ाके की ठंड और बर्फबारी की आशंका बनी रहती है।
मौसम विभाग ने लोगों को ठंड से बचाव के लिए सावधानी बरतने की अपील की है और कहा है कि शीतलहर को देखते हुए आवश्यक एहतियात बरतना बेहद जरूरी है।
Author: Deepak Mittal









