
रायपुर: जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने शिवनाथ नदी में मछलियों और मवेशियों की मौत के मामले में मुख्य सचिव से जवाब तलब किया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने इस मामले में प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही आबकारी और पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव, मुंगेली कलेक्टर, एसपी, और आबकारी उपायुक्त समेत सात अधिकारियों को पक्षकार बनाया गया है।
मुंगेली जिले में शिवनाथ नदी में लाखों मछलियों के मरे हुए पाए जाने और कुछ मवेशियों की मौत के बाद यह मामला हाई कोर्ट के संज्ञान में आया। इसका कारण मोहभट्टा स्थित भाटिया शराब फैक्ट्री से निकलने वाले दूषित पानी को बताया जा रहा है। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए हाई कोर्ट ने तत्काल रजिस्ट्रार जनरल को निर्देशित किया कि इसे जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया जाए। मुख्य सचिव को सोमवार को अदालत के समक्ष जवाब प्रस्तुत करना होगा।
रायपुर रोड पर मोहभट्टा धूमा स्थित भाटिया वाइंस के प्लांट से निकलने वाली घटिया क्वालिटी की स्पिरिट को शिवनाथ नदी में बहाया जा रहा है, जिससे तीन दिन पहले लाखों मछलियां मर गईं। दूषित पानी पीने से कुछ मवेशी भी नदी में मरे पाए गए हैं। मामले को दबाने के लिए भाटिया वाइंस प्रबंधन ने मजदूर भेजकर नदी की सफाई भी कराई, लेकिन इससे ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ।
पर्यावरण विभाग की कार्रवाई
पर्यावरण विभाग की टीम ने घटना स्थल पर पहुंचकर पानी के सैंपल लिए। विभाग के अधिकारियों ने खजरी गांव में जमा जहरीले पानी का सैंपल भी लिया। ग्रामीणों की शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से उनका गुस्सा और बढ़ गया है।
ग्रामीणों की शिकायतें नजरअंदाज
तेज दुर्गंध और आंखों तथा त्वचा में जलन की शिकायतों के बाद ग्रामीणों ने 31 मई 2023 को पहली बार पर्यावरण विभाग से शिकायत की थी। दूसरी शिकायत 18 अप्रैल 2024 को की गई। हालांकि, पानी का सैंपल देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
राजनीतिक संरक्षण का मामला
भाटिया शराब फैक्ट्री के गुर्गों और स्थानीय दबंगों के डर से ग्रामीण आवाज उठाने से कतराते हैं। एक बड़े नेता का फैक्ट्री प्रबंधन को अंदर से समर्थन देने की बात भी सामने आई है। इलाके के लोग डर के मारे चुप रहते हैं और नर्क जैसी जिंदगी जीने को मजबूर हैं।
वीडियो से हुआ खुलासा
कोनी गांव के युवक ज्ञान चंद वर्मा ने नदी में मरी मछलियों को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए एक वीडियो बनाया, जो इंटरनेट पर वायरल हो गया। इसके बाद मामला और ज्यादा उजागर हो गया और हड़कंप मच गया।
ग्रामीण अब न्याय की उम्मीद में हाई कोर्ट की ओर देख रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
Author: Deepak Mittal









