बिहार: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार में एक बार फिर तूफान उठता नजर आ रहा है। लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर ऐसा बयान दिया है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए अपने ही परिवार के कुछ सदस्यों पर “विरासत को खत्म करने” का गंभीर आरोप लगाया है।
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा—
“जिस महान विरासत को बड़ी मेहनत से बनाया और स्थापित किया गया, उसे खत्म करने के लिए बाहरी लोगों की ज़रूरत नहीं है… हमारे अपने ही इसके लिए काफी हैं। ‘नए बने अपने’ और ‘हमारे अपने’ ही काफी हैं।”
“निशानियां मिटाने की कोशिश” का आरोप
उन्होंने आगे लिखा कि यह बेहद चौंकाने वाला है कि अपने ही उन लोगों की निशानियों को मिटाने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्होंने इस विरासत को पहचान और वजूद दिया। इस बयान को RJD के अंदर चल रही अंदरूनी खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है।
तेज प्रताप प्रकरण से जोड़कर देखे जा रहे बयान
राजनीतिक हलकों में कयास लगाए जा रहे हैं कि रोहिणी आचार्य तेज प्रताप यादव को पार्टी से बाहर किए जाने को लेकर नाराज़ हैं। हालांकि उन्होंने अपने पोस्ट में किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन समय और शब्दों ने अटकलों को और हवा दे दी है।
पहले भी परिवार से दूरी का ऐलान कर चुकी हैं रोहिणी
गौरतलब है कि पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव में RJD की करारी हार के बाद रोहिणी आचार्य ने राजनीति छोड़ने और परिवार से रिश्ते तोड़ने का ऐलान किया था। नवंबर 2025 में उन्होंने एक पोस्ट में लिखा था—
“मैं राजनीति छोड़ रही हूं और अपने परिवार से नाता तोड़ रही हूं… यह फैसला संजय यादव और रमीज के कहने पर लिया गया था।”
संजय यादव RJD से राज्यसभा सांसद हैं और तेजस्वी यादव के बेहद करीबी माने जाते हैं, जबकि रमीज को तेजस्वी का पुराना दोस्त बताया जाता है।
चुनावी हार और बढ़ती दूरियां
रोहिणी आचार्य, जो अपने पिता को किडनी डोनेट करने के बाद चर्चा में आई थीं, ने पिछले साल सारण लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वहीं बिहार विधानसभा चुनाव में RJD की सीटें 75 से घटकर सिर्फ 24 रह गई थीं।
Author: Deepak Mittal









