राजस्व प्रकरणों एवं कार्यों के शीघ्र निपटारे हेतु कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश

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निर्मल अग्रवाल ब्यूरो प्रमुख मुंगेली 8959931111

मुंगेली- कलेक्टर कुन्दन कुमार ने जिले में लंबित राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण हेतु सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप ई-कोर्ट प्रणाली के माध्यम से ही सभी प्रकरणों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए। कलेक्टर ने बताया कि राज्य शासन द्वारा दिनांक 01 अक्टूबर 2020 से लागू निर्देशों के तहत सभी राजस्व प्रकरणों का निराकरण केवल ई-कोर्ट प्रणाली के अंतर्गत ही किया जाना है, जिसके बावजूद कई प्रकरण अभी भी ऑफलाइन प्रक्रियाओं में लंबित रखे जा रहे हैं।


कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकारी,(रा.), तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, हल्का पटवारी, एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को सख्ती से दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि सभी राजस्व प्रकरणों को आवेदन प्राप्ति की तारीख से 03 दिन के भीतर ई-कोर्ट पोर्टल में दर्ज करना अनिवार्य है। रीडर यह सुनिश्चित करें कि सभी प्रकरण ई-कोर्ट में ही दर्ज हों और आदेश पत्र व पेशी तिथि भी नियमित अपडेट हो।

बिना ठोस कारण के प्रकरणों की अनावश्यक लंबितता पर रोक लगाई जाएगी। एक ही प्रकरण में दो बार से अधिक पेशी तिथि नहीं बढ़ाई जाए। उच्च अधिकारियों द्वारा निरीक्षण के दौरान कोई भी प्रकरण ऑफलाइन नहीं पाया जाए। प्रकरणों के स्थलीय निरीक्षण की रिपोर्ट आवश्यक रूप से अपलोड की जाए। ई-कोर्ट में लंबित मामलों का निपटारा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समय-सीमा में किया जाए। सीमांकन एवं नामांतरण, खाता विभाजन जैसे प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण हो।


कलेक्टर ने कहा कि ऐसे प्रकरण जो पिछले विशेष शिविरों में लंबित रह गए हैं, उनका निराकरण विशेष राजस्व न्यायालय दिवस अंतर्गत अभियान चलाकर किया जाए। धारा 115 (त्रुटि सुधार) के तहत प्राप्त आवेदन पत्रों का निराकरण तत्काल करें। भुईयां पोर्टल में गलत खसरे, खातों, रकबे या भू स्वामी के नाम में सामान्य त्रुटिपूर्ण विवरणों को सुधारने का कार्य करें। खातों में डिजिटल हस्ताक्षर युक्त प्रविष्टि सुनिश्चित करें।

आधार, मोबाइल नंबर, किसान किताब और जेंडर जैसी जानकारी को अपडेट करना अनिवार्य है। फॉर्मर रजिस्ट्री अंतर्गत जिन किसानों का पंजीयन नहीं हुआ है उनका पोर्टल में रजिस्ट्रेशन करना सुनिश्चित करें। तहसील स्तर पर निरीक्षण दलों का गठन कर समय-सीमा में कार्य की समीक्षा की जाएगी।

जिन अधिकारियों ,हल्का पटवारियों द्वारा लापरवाही बरती जाएगी, उनके विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। कलेक्टर कुन्दन कुमार ने स्पष्ट किया है कि शासन की मंशा के अनुरूप आम जनता को त्वरित व पारदर्शी राजस्व समाधान उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

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