सरगुजा। जिले में एक निजी स्कूल द्वारा भाषा के आधार पर भेदभाव का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। प्री-प्राइमरी स्कूल स्वरंग किड्स एकेडमी को बिना मान्यता के संचालित पाए जाने पर बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। साथ ही स्कूल पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
जानकारी के अनुसार, चोपड़ापारा निवासी राजकुमार यादव अपने बेटे सत्यम का एडमिशन कराने स्कूल पहुंचे थे। प्रवेश प्रक्रिया के दौरान बच्चे ने सरगुजिहा बोली में जवाब दिया, जिस पर स्कूल प्रबंधन ने यह कहते हुए एडमिशन देने से इनकार कर दिया कि यहां “बड़े घरों के बच्चे पढ़ते हैं” और वे इस बोली को सीख जाएंगे।
इस घटना के सामने आने के बाद छात्र संगठन NSUI ने विरोध प्रदर्शन किया और जिला शिक्षा अधिकारी से शिकायत दर्ज कराई। मामला मीडिया में सुर्खियों में आने के बाद स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने जांच के निर्देश दिए।
जांच टीम, जिसकी अध्यक्षता प्राचार्य रूमी घोष ने की, ने पाया कि स्वरंग किड्स एकेडमी बिना मान्यता के संचालित हो रही थी। कारण बताओ नोटिस के जवाब में स्कूल प्रबंधन ने भी इस बात को स्वीकार किया।
बच्चे के परिजनों ने कलेक्टर अजीत वसंत और पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव से भी शिकायत की थी। टीएस सिंहदेव ने स्पष्ट कहा कि यदि किसी बच्चे को उसकी बोली के कारण एडमिशन से वंचित किया जाता है, तो ऐसे स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
Author: Deepak Mittal










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