छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग ने दिसंबर 2023 से अब तक के दो वर्षों में सामाजिक सुरक्षा और पुनर्वास के क्षेत्र में कई अहम उपलब्धियां हासिल की हैं। दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, विधवा एवं परित्यक्ता महिलाएं, मानसिक रोगी और अन्य वंचित वर्गों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं से लाखों लोग लाभान्वित हुए हैं।
राज्य में फिजिकल रिफरल रिहैबिलिटेशन सेंटर और सेरेब्रल पाल्सी गेट लैब के माध्यम से हजारों दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग, सहायक उपकरण और फिजियोथैरेपी की सुविधा दी गई। वहीं दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना के तहत हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत पात्र दंपतियों को 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक की सहायता दी गई, जिससे सामाजिक पुनर्वास को बढ़ावा मिला। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और विधवा महिलाओं को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों का निःशुल्क भ्रमण कराया गया।

राज्य में आश्रय गृह, वृद्धाश्रम और प्रशामक देखरेख गृहों के जरिए बुजुर्गों और मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों को आवास, उपचार और पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही UDID परियोजना के तहत लाखों दिव्यांगजनों को विशिष्ट पहचान पत्र जारी किए गए हैं।
नवीन पहलों के तहत तीर्थ यात्रा योजना को पुनः प्रारंभ किया गया, दिव्यांग विकास आयोग के गठन, विशेष विद्यालयों के विस्तार, नशामुक्ति अभियान ‘भारत माता वाहिनी योजना’ और 24×7 सियान हेल्पलाइन जैसी योजनाओं को गति दी गई है।

सरकार के अनुसार, वर्ष 2025-26 में समाज कल्याण विभाग का बजट बढ़ाकर 1575 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिससे आने वाले समय में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा। कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ शासन की ये पहलें समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही हैं।
Author: Deepak Mittal









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