बिलासपुर : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (सीसीईए) ने भारतीय रेलवे की कनेक्टिविटी और दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से 6,456 करोड़ रुपये की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में दो नई रेल लाइनें और एक मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना शामिल हैं, जो 2028-29 तक पूरी की जाएंगी।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य दूर-दराज के क्षेत्रों को आपस में जोड़ना, लॉजिस्टिक्स लागत कम करना, और तेल आयात तथा कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी लाना है। साथ ही, इनसे 114 लाख मानव दिवसों का रोजगार भी उत्पन्न होगा।
सरदेगा-भालुमुड़ा (37 किलोमीटर) नई डबल लाइन
छत्तीसगढ़ में सरदेगा-भालुमुड़ा के बीच 37 किलोमीटर लंबी नई डबल लाइन के निर्माण के लिए 1,360 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इस परियोजना से क्षेत्र में बेहतर आवागमन और कनेक्टिविटी के साथ-साथ 25 लाख मानव दिवसों का रोजगार सृजन होगा।
परियोजना के तहत छत्तीसगढ़ के भालुमुड़ा में 21 किलोमीटर लंबी लाइन बनेगी, जिससे क्षेत्र के आदिवासी समुदाय और ग्रामीणों को अत्यधिक लाभ होगा। साथ ही, इस परियोजना से 84 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड की बचत होगी, जो 3.4 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है।
– नई लाइनों से 11 लाख लोगों को कनेक्टिविटी मिलेगी।
– 1360 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी सरदेगा-भालुमुड़ा (37 किमी) नई डबल लाइन।
– परियोजनाओं से 45 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) की अतिरिक्त माल ढुलाई होगी।
– छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में 125.89 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता।
– यात्री ट्रेनों के लिए अधिकतम गति 160 किमी प्रति घंटा होगी।
– पुल: 6 प्रमुख और 4 छोटे पुल, 20 रेल फ्लाईओवर और अंडरब्रिज का निर्माण होगा।
ये परियोजनाएं पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो क्षेत्रीय विकास और भारत के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
Author: Deepak Mittal










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