असम में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत मुख्यमंत्री विशेष सतर्कता सेल ने असम सिविल सेवा (ACS) की अधिकारी नूपुर बोरा के घर छापा मारा. इस दौरान टीम ने करीब 90 लाख रुपये नकद और 1 करोड़ रुपये से अधिक के सोने के गहने जब्त किए.
कुल बरामदगी की कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये आंकी गई है.
छह महीने से निगरानी में थीं बोरा
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि नूपुर बोरा पर पिछले छह महीनों से नजर रखी जा रही थी. आरोप है कि बोरा ने अपने कार्यकाल में गैर-कानूनी तरीके से भारी संपत्ति अर्जित की. जांच एजेंसियों के मुताबिक, बोरा जब बारपेटा जिले में सर्कल ऑफिसर थीं, तब उन्होंने कथित तौर पर सरकारी जमीनें अवैध रूप से संदिग्ध घुसपैठियों के नाम पर दर्ज करवाईं थी.
सहयोगियों पर भी शिकंजा
विजिलेंस टीम ने बोरा से जुड़े लोगों के ठिकानों पर भी छापेमारी शुरू कर दी है. इसी सिलसिले में बाघबर राजस्व सर्कल से जुड़े लाट मंडल सूरजित डेका के बहुमंजिला मकान पर भी छापा मारा गया डेका पर भी disproportionate assets (आय से अधिक संपत्ति) जुटाने और बारपेटा में कई जमीनें खरीदने का आरोप है. सूत्रों के मुताबिक, डेका ने यह संपत्ति नूपुर बोरा की मिलीभगत से हासिल की थी.
2019 में असम सिविल सेवा के लिए चयनित हुईं थी नूपुर बोरा
2019 में असम सिविल सेवा में चयनित नूपुर बोरा ने बारपेटा और कार्बी आंगलोंग ज़िलों में जिम्मेदार पदों पर काम किया था. बारपेटा में तैनाती के दौरान उन पर करोड़ों रुपये के भूमि घोटाले में शामिल होने के आरोप लगे थे. बाद में जब उनका तबादला कामरूप ज़िले के गोरोइमारी में हुआ, तो वहां भी भ्रष्टाचार से जुड़ी नई शिकायतें सामने आईं. इनमें ज़मीन के मामलों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और नियमों की अनदेखी का जिक्र किया गया.
Author: Deepak Mittal










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