खोए मोबाइल से ब्लैकमेलिंग की साजिश का पर्दाफाश — ओडिशा से आरोपी गिरफ्तार

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खोए मोबाइल से ब्लैकमेलिंग की साजिश का पर्दाफाश — ओडिशा से आरोपी गिरफ्तार
जगदलपुर में साइबर क्राइम का खुलासा, पुलिस ने बताया – डिजिटल सुरक्षा में लापरवाही बन सकती है खतरा

जगदलपुर। बोधघाट थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति का मोबाइल फोन खोने के बाद उसमें मौजूद निजी फोटो और वीडियो का दुरुपयोग करने वाले आरोपी को पुलिस ने ओडिशा से गिरफ्तार किया है। यह मामला न केवल साइबर अपराध की गंभीरता को दर्शाता है, बल्कि डिजिटल युग में डेटा सुरक्षा की अहमियत को भी उजागर करता है।

थाना प्रभारी लीलाधर राठौर ने बताया कि 30 सितंबर को बोधघाट क्षेत्र के एक युवक के पिता का मोबाइल जगदलपुर रेलवे स्टेशन पर खो गया था। फोन बाद में ओडिशा के बिरची पनिग्राही (राजखारियर, जिला नयापारा) के पास मिला। चूंकि फोन में पासवर्ड नहीं था, आरोपी ने उसमें मौजूद निजी फोटो और वीडियो देखे और फिर प्रार्थी से संपर्क किया। आरोपी ने फोन लौटाने के बदले 5 हजार रुपये की मांग की और क्यूआर कोड के माध्यम से राशि मंगवाई।

राशि मिलने के बाद भी आरोपी ने और पैसे की मांग शुरू कर दी, जिससे परेशान होकर युवक ने 5 अक्टूबर को बोधघाट थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी के खिलाफ धारा 384 (ब्लैकमेलिंग) और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया। टीम को ओडिशा भेजा गया, जहाँ से आरोपी को गिरफ्तार कर जगदलपुर लाया गया।

प्रार्थी ने बताया कि उसने पुराना मोबाइल अपने पिता को दे दिया था, जो तकनीकी रूप से ज्यादा पारंगत नहीं थे। उन्होंने पासवर्ड नहीं लगाया था, जिससे आरोपी को डेटा तक सीधी पहुँच मिल गई।

डीएसपी साइबर क्राइम गीतिका साहू ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने मोबाइल में निजी डेटा को पासवर्ड या सुरक्षित एप्लिकेशन से सुरक्षित रखें। उन्होंने कहा कि “बिना सुरक्षा उपायों के मोबाइल रखना अपने आप में खतरा है। किसी भी संदिग्ध क्यूआर कोड या लिंक के माध्यम से पैसे भेजने से पहले पूरी जांच करें।”

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल सुरक्षा केवल पासवर्ड तक सीमित नहीं है — दो-स्तरीय प्रमाणीकरण, सुरक्षित क्लाउड बैकअप और एंटीवायरस ऐप्स का उपयोग भी जरूरी है।

पुलिस ने चेतावनी दी है कि मोबाइल चोरी या खो जाने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराना और डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है। यह मामला नागरिकों के लिए एक चेतावनी है कि थोड़ी सी लापरवाही कैसे ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर अपराध का रूप ले सकती है।

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Author: Deepak Mittal

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