जे के मिश्र / बिलासपुर। जिले में अवैध खनिज संपदा का दोहन तेजी से हो रहा है, और इसमें लगे रेत, मुरुम, कोयला, चूना पत्थर और मिट्टी के माफिया काफी सक्रिय हैं। खनिज विभाग ने दावा किया है कि उन्होंने जिले में अवैध खनिज परिवहन करने वाले माफियाओं पर सख्ती बरतते हुए 287 वाहनों पर कार्रवाई की है, लेकिन इस कार्रवाई को लेकर लोगों के बीच यह धारणा बन रही है कि यह केवल दिखावे के लिए है।
खनिज विभाग ने 66 लाख 22 हजार 932 रुपये का जुर्माना वसूला है। इसमें रेत के अवैध परिवहन के लिए तीन लाख 60 हजार 916 रुपये और रेत को अवैध रूप से डंप करने के लिए छह लाख 72 हजार रुपये की जुर्माना राशि शामिल है। हालांकि, जिले में खनिज संपदा के बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध दोहन को देखते हुए यह कार्रवाई अपर्याप्त मानी जा रही है। रेत माफियाओं पर शिकंजा कसते हुए खनिज विभाग ने 12 मामलों में भारी मात्रा में अवैध रूप से डंप की गई रेत जब्त की और उसे वापस नदी में प्रवाहित कर दिया।
अवैध परिवहन के 239 मामले, केवल 10 पर ही जुर्माना
खनिज विभाग ने विभिन्न रेत घाटों और अन्य स्थानों पर छापेमारी करते हुए 239 मामलों में अवैध रूप से खनिज परिवहन की जांच की, लेकिन जांच के बाद केवल 10 मामलों में ही जुर्माना लगाया गया। इससे यह स्पष्ट होता है कि अवैध खनन और परिवहन पर लगाम लगाने की कोशिशों के बावजूद माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और इस दिशा में और भी सख्ती की जरूरत है।
खनिज विभाग द्वारा जुर्माना वसूल की गई राशि
मिट्टी और ईंट के 16 मामलों में 1 लाख 97 हजार 408 रुपये
मुरुम के 13 मामलों में 2 लाख 84 हजार 736 रुपये
चूना पत्थर के 11 मामलों में 3 लाख 24 हजार 25 रुपये
रेत के 229 मामलों में 3 लाख 60 हजार 916 रुपये
कोयले के 8 मामलों में 15 लाख 35 हजार 351 रुपये
विभाग का बयान

खनिज विभाग के अधिकारी रमाकांत सोनी ने बताया कि जिले में अवैध खनिज परिवहन और उत्खनन पर नजर रखने के लिए विशेष निगरानी टीम का गठन किया गया है। यह टीम लगातार जांच कर रही है और जल्द ही इस अभियान को और तेज किया जाएगा ताकि अवैध खनन और परिवहन करने वालों का नेटवर्क तोड़ा जा सके।
रमाकांत सोनी, खनिज अधिकारी
Author: Deepak Mittal










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