छत्तीसगढ़ में बीजापुर में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके को एक महिला आरक्षक द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद निलंबित कर दिया गया है। मामला कुछ माह पहले बालोद जिले के डौंडी थाना में दर्ज किया गया था।
क्या हैं आरोप?
महिला आरक्षक ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2017 में Dondi स्थित आईटीआई में पढ़ाई के दौरान उसकी पहचान दिलीप उइके से हुई, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। महिला का आरोप है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर कई बार शारीरिक संबंध बनाए और तीन बार जबरन गर्भपात कराया।
महिला ने यह भी दावा किया कि उसने आरोपी की पढ़ाई और अन्य खर्चों के लिए हर माह 4-5 हजार रुपये उसके खाते में ट्रांसफर किए। बाद में बैंक से लोन लेकर करीब 3.30 लाख रुपये भी दिए।
सरकारी आवास में ठहरने का आरोप
जनवरी 2025 में महिला ने आरोप लगाया कि वह Bijapur में डिप्टी कलेक्टर के सरकारी आवास पर करीब एक सप्ताह रही, जहां गर्भवती होने की जानकारी देने पर उसे जबरन गर्भपात की दवा दी गई।
फरवरी और मार्च 2025 में भी शादी का आश्वासन देकर संबंध बनाने और आर्थिक लेन-देन के आरोप लगाए गए हैं।
कार खरीद और नामांतरण विवाद
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि फरवरी 2023 में आरोपी ने महिला के नाम पर एक मारुति कार खरीदी और बाद में फरवरी 2024 में राशि ट्रांसफर कर वाहन अपने नाम करा लिया।
मुख्य सचिव को 12 बिंदुओं में शिकायत
महिला आरक्षक ने Government of Chhattisgarh के मुख्य सचिव को 12 बिंदुओं में विस्तृत शिकायत भेजी है। इसमें आरोप लगाया गया है कि जिला प्रशासन द्वारा आरोपी को संरक्षण दिया गया और नियमों के विरुद्ध अवकाश स्वीकृत किए गए।
FIR दर्ज, जांच जारी
महिला की शिकायत पर डौंडी थाना में FIR दर्ज की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बीजापुर प्रशासन ने आरोपी डिप्टी कलेक्टर को निलंबित कर दिया है।
पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच जारी है।
Author: Deepak Mittal









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