दल्लीराजहरा,,दल्लीराजहरा के वार्ड क्रमांक 13 में देशी शराब दुकान और आईटीआई के पास मुख्य सड़क पर कथित अवैध कब्जे की कोशिश ने पूरे इलाके को उबाल पर ला दिया है। दिनदहाड़े बांस-बल्ली लगाकर सड़क किनारे घेराबंदी किए जाने की घटना ने आम जनता के भीतर गुस्से की चिंगारी को आग में बदल दिया है। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ अतिक्रमण नहीं, बल्कि खुलेआम कानून को चुनौती देने की घटना है।
वार्ड वासियो और स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, एक प्रभावशाली व्यक्ति द्वारा खुद को सत्ताधारी दल से जुड़ा बताकर दबंगई के साथ सड़क पर कब्जा करने का प्रयास किया गया। लोगों ने आरोप लगाया कि “राजनीतिक रुतबा” दिखाकर प्रशासन को नजरअंदाज करने की कोशिश हो रही है। घटना का फोटो वीडियो सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
“आज सड़क, कल पूरा इलाका” – बढ़ता आक्रोश
वार्डवासियों का साफ कहना है कि अगर इस तरह की घेराबंदी को अभी नहीं रोका गया, तो आने वाले दिनों में पूरा इलाका अवैध कब्जों की चपेट में आ जाएगा।
एक स्थानीय निवासी ने कहा,
“आज सड़क पर बांस लगा है, कल दुकानें बनेंगी, फिर आम जनता के लिए रास्ता ही नहीं बचेगा। यह शुरुआत बहुत खतरनाक है।”

नगर पालिका पर दोहरे मापदंड का आरोप
घटना के बाद नगर पालिका की भूमिका पर सबसे ज्यादा सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि गरीबों के घरों पर कार्रवाई करते वक्त प्रशासन सख्त नजर आता है, लेकिन प्रभावशाली लोगों के सामने पूरी मशीनरी सुस्त पड़ जाती है।

जनता की चेतावनी – अब सीधी लड़ाई
वार्ड क्रमांक 13 और आसपास के क्षेत्र के लोगों ने जिला प्रशासन को शिकायत सौंपते हुए साफ चेतावनी दी है कि यदि तुरंत कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे।लोगों का कहना है कि अब यह सिर्फ एक अतिक्रमण का मामला नहीं, बल्कि “न्याय बनाम प्रभाव” की लड़ाई बन चुकी है।
दल्लीराजहरा में उठी यह चिंगारी अब प्रशासन के लिए अग्निपरीक्षा बन गई है—देखना यह है कि कानून का राज कायम होता है या प्रभावशाली लोगों का दबदबा।
एक वार्डवासी ने तीखे शब्दों में कहा,
“गरीबों पर बुलडोजर चलाना आसान है, लेकिन बड़े लोगों के सामने सबकी आवाज बंद हो जाती है। यही असली समस्या है।”
मुख्य नगर पालिका अधिकारी सीमा बक्शी क्या कहती है,,,
मुख्य नगर पालिका अधिकारी सीमा बक्शी ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और इसे गंभीरता से लिया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया,
“नगर पालिका क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों या सड़कों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा पूरी तरह अस्वीकार्य है। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। यदि अतिक्रमण की पुष्टि होती है, तो बिना किसी भेदभाव के तत्काल हटाने की कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिका का दायित्व है कि वह सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करे और किसी भी दबाव में आकर नियमों से समझौता नहीं किया जाएगा।”
अनुविभागीय दंडाधिकारी सुरेश साहू ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा,
“सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। शिकायत मिलने पर राजस्व और नगर पालिका की संयुक्त टीम मौके का निरीक्षण करेगी। यदि कोई भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करते पाया जाता है, तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन कानून के शासन को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
Author: Deepak Mittal










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