हरियाणा के फरीदाबाद से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने डॉक्टरों से लेकर आम लोगों तक को चौंका दिया है। डबुआ कॉलोनी में रहने वाली 32 वर्षीय महिला की जांघ में जब एक मामूली सा फोड़ा फूटा, तो किसी को अंदाजा भी नहीं था कि उसके साथ 20 साल पुराना एक खौफनाक राज बाहर आ जाएगा। फोड़ा फूटते ही उसमें से जिंदा कारतूस की गोली निकल आई, जिसे देखकर महिला और उसका परिवार सन्न रह गया।
दरअसल, महिला कविता को यह गोली साल 2005 में लगी थी, जब वह सिर्फ 12 साल की थीं। उस समय वह स्कूल में खेल रही थीं, तभी अचानक उनकी जांघ में कोई नुकीली चीज आकर लगी। खून निकला, लेकिन सबको लगा कि किसी ने पत्थर फेंक दिया होगा। टीचर और परिजनों ने भी इसे मामूली चोट मानकर नजरअंदाज कर दिया। कुछ घरेलू लेप लगाने के बाद जख्म भर गया और जिंदगी सामान्य हो गई।
20 साल तक शरीर में रही गोली, कभी दर्द तक नहीं हुआ
कविता ने बताया कि उस घटना के बाद न तो उन्हें कभी तेज दर्द हुआ और न ही कोई परेशानी। साल 2012 में उनकी शादी हुई, चार बच्चे हुए, लेकिन किसी को अंदेशा तक नहीं था कि उनके शरीर में गोली छिपी हुई है।
आर्मी ट्रेनिंग कैंप से आई गोली की आशंका
कविता ने शंका जताई कि उनके गांव के पास स्थित आर्मी ट्रेनिंग सेंटर से चलाई गई गोली भटककर उन्हें लगी होगी। गोली की रफ्तार कम होने के कारण वह शरीर में ही फंस गई और बाहर नहीं निकल पाई।
दो महीने पहले बना फोड़ा, फिर हुआ खुलासा
करीब दो महीने पहले कविता की जांघ में उसी जगह फोड़ा उभर आया। घरेलू इलाज के दौरान जब फोड़ा फूटा, तो उसमें से राइफल की गोली बाहर निकल आई। फिलहाल महिला ने उस गोली को संभालकर रखा है।
डॉक्टर ने बताया कैसे संभव हुआ ये चमत्कार
बादशाह खान सिविल अस्पताल के न्यूरो सर्जन डॉ. उपेंद्र भारद्वाज के मुताबिक, गोली शरीर में रहना संभव है। कई बार शरीर की कोशिकाएं गोली के चारों ओर परत बना लेती हैं, जिससे वह सालों तक वहीं फंसी रहती है। संक्रमण या परत टूटने पर गोली बाहर निकल सकती है—ठीक वैसा ही कविता के साथ हुआ।
यह मामला न सिर्फ हैरान करने वाला है, बल्कि यह भी दिखाता है कि शरीर कभी-कभी ऐसे रहस्यों को वर्षों तक अपने भीतर छिपाए रख सकता है।
Author: Deepak Mittal









